प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट. रियल वर्ल्ड एसेट्स (RWA) की बकरी पालन एवं ऑनलाइन निवेश योजना को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है. पहले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू की ओर से करीब 1 करोड़ 37 लाख 38 हजार 400 रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की गयी थी. अब निवेशकों की शिकायत पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू समेत पांच लोगों के खिलाफ दुमका नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसी विवाद में एक अन्य निवेशक ने भी 2.10 लाख रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है.
छह धाराओं के तहत केस
नए मामले में दुमका नगर थाना कांड संख्या 164/2026 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 313(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2) और 352 के तहत दर्ज की गयी है. प्राथमिकी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है.
प्राथमिकी के अनुसार, RWA की बकरी पालन परियोजना में निवेश के नाम पर लोगों को आकर्षक मुनाफे का भरोसा दिलाया गया. विभिन्न पैकेज के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया तथा निर्धारित अवधि में मूलधन दोगुना होने का कथित आश्वासन दिया गया. इस भरोसे पर निवेशकों ने बड़ी रकम जमा की. आरोप है कि बाद में कंपनी का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बंद हो गया और निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली.
व्हाट्सएप चैट से लेकर बैंक लेनदेन की जांच की मांग
शिकायत में व्हाट्सएप चैट, ई-मेल, कॉल रिकॉर्डिंग और बैंक खातों में हुए लेनदेन को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया गया है. शिकायतकर्ता ने पूरे वित्तीय लेनदेन की जांच कराने की मांग की है. साथ ही पुलिस से आरोपितों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.
सुस्मिता ने 2.10 लाख रुपये निवेश करने का लगाया आरोप
इसी RWA विवाद में न्यू बांधपाड़ा निवासी सुस्मिता सोरेन ने भी नगर थाना में आवेदन देकर 2 लाख 10 हजार रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाया है. आवेदन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू एवं उनके सहयोगियों के नाम का उल्लेख किया गया है.
सुस्मिता सोरेन के अनुसार, उन्हें RWA की बकरी पालन एवं ऑनलाइन निवेश योजना में प्रतिदिन 0.50 से 0.75 प्रतिशत तक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया गया था. इसके बाद उन्होंने और उनके पति ने अपनी जमा पूंजी से कुल 2.10 लाख रुपये निवेश किए.
कई किस्तों में जमा की गयी रकम, बाद में निकासी में हुई परेशानी
आवेदन के मुताबिक, दो फरवरी को एक लाख रुपये, तीन फरवरी को 10 हजार रुपये, 19 अप्रैल को 60 हजार रुपये, चार मई को 20 हजार रुपये और 21 जून को 20 हजार रुपये का निवेश किया गया. शुरुआत में निवेश सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन बाद में राशि निकालने में परेशानी होने लगी.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जुलाई में राशि निकासी के संबंध में संपर्क करने पर 10 अगस्त से सब ठीक हो जाने का भरोसा दिया गया, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद 12 अगस्त को एक सहयोगी द्वारा निवेशकों को फोन कर राशि वापस नहीं होने की जानकारी दी गयी. कुछ समय बाद RWA की वेबसाइट भी बंद हो गयी.
जमीन, घर के सौंदर्यीकरण और फॉर्च्यूनर खरीदने का भी आरोप
महिला ने आरोप लगाया है कि रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर टालमटोल की गयी. आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू एवं उनके सहयोगियों ने निवेश की रकम से जमीन, घर का सौंदर्यीकरण और फॉर्च्यूनर खरीदी.
आवेदन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू, विनोद कुमार सिंह, सुमित कुमार और कोन्तिलियस मरांडी समेत अन्य सहयोगियों के नाम का उल्लेख किया गया है. सुस्मिता ने पुलिस से मामले की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने, निवेश की राशि वापस दिलाने तथा आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
पहले अंजुला मुर्मू ने की थी 1.37 करोड़ रुपये की शिकायत
गौरतलब है कि RWA निवेश विवाद में पहले असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू की ओर से करीब 1 करोड़ 37 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर शिकायत की गयी थी. अब उसी विवाद में निवेशकों की ओर से अंजुला मुर्मू समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने और 2.10 लाख रुपये के निवेश से जुड़ा अलग शिकायत आवेदन सामने आने से मामला और पेचीदा हो गया है. पुलिस अब दोनों पक्षों की शिकायतों और सामने आये वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
