पांच बेंचों का हुआ गठन
दुमका : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुमका के तत्वावधान में शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया. इसके लिए पांच बेंचों का गठन किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सरल निस्तारण किया गया.
प्रधान जिला जज ने किया शुभारंभ
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुमका सुधांशु कुमार शशि ने किया. इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, बैंक एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पारा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) तथा बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे.
कई तरह के मामलों का हुआ निस्तारण
लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के सिविल वाद, आपराधिक सुलहनीय वाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले, बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, विद्युत एवं अन्य विभागीय मामले तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया.
समय और धन की बचत
इस दौरान पक्षकारों को लोक अदालत के लाभों की जानकारी दी गयी. बताया गया कि लोक अदालत विवादों के त्वरित, सरल एवं कम खर्चीले समाधान का प्रभावी माध्यम है. इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवाद का समाधान कराया जाता है, जिससे समय एवं धन की बचत होती है और पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं.
जागरूकता अभियान चलाया गया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विवेक कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, विभिन्न विभागों एवं बैंकों के पदाधिकारियों तथा पीएलवी द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान और प्री-लोक अदालत गतिविधियां संचालित की गयी थीं. उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने लंबित अथवा प्री-लिटिगेशन विवादों के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें और लोक अदालत के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान प्राप्त करें.
14,089 मामलों का निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गठित पांचों बेंचों द्वारा कुल 14,089 मामलों का निष्पादन किया गया. इन मामलों में कुल 9,55,60,340 रुपये की राशि का समझौता हुआ.
