आनंद जायसवाल
Dumka: दुमका शहर को कोयले की धूल, भारी वाहनों की आवाजाही और यातायात जाम की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है. पूर्व रेलवे ने न्यू मदनपुर हॉल्ट को पूर्ण विकसित आधुनिक ब्लॉक स्टेशन और माल ढुलाई केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. इसके तहत दुमका स्टेशन पर होने वाली भारी कोयला लोडिंग-अनलोडिंग गतिविधियों को न्यू मदनपुर स्थानांतरित किया जाएगा. पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में संचालित इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की माल परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ दुमका शहर को प्रदूषण और यातायात दबाव से राहत दिलाना है.
कोयला के अलावा पत्थर और बालू की भी होती है ढुलाई
वर्तमान में दुमका स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन तीन से चार कोयला रेकों के अलावा पत्थर, बालू और खाद्यान्न से भरी रेकों की भी लोडिंग-अनलोडिंग होती है. इससे स्टेशन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में कोयले की धूल, शोर और भारी ट्रकों की आवाजाही से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में कोयला परिवहन बढ़कर प्रतिदिन छह रेक तक पहुंच सकता है. इसी संभावना और स्थानीय लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए दुमका से लगभग 4.20 किलोमीटर दूर स्थित न्यू मदनपुर स्टेशन को आधुनिक माल ढुलाई केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.
शहर से नहीं गुजरेंगे भारी वाहन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कोयला ढुलाई से जुड़े भारी वाहन शहर के बीच से नहीं गुजरेंगे, बल्कि सीधे न्यू मदनपुर स्टेशन तक पहुंचेंगे. इससे दुमका शहर में यातायात का दबाव कम होगा और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी. साथ ही यात्रियों के लिए स्टेशन परिसर अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक बन सकेगा. रेलवे के अनुसार यह परियोजना क्षेत्र की कैप्टिव कोयला खदानों से होने वाली कोयला निकासी की बढ़ती जरूरतों को भी पूरा करेगी. इससे उत्तर प्रदेश के विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयला पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत होगी.
दुमका के लोगों को मिलेगी स्वच्छ हवा
सहारपुर-जमारपानी कोयला ब्लॉक तथा पचवारा साउथ कोयला ब्लॉक से होने वाली कोयला आपूर्ति के लिए भी यह स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि रेलवे औद्योगिक विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. न्यू मदनपुर को पूर्ण माल ढुलाई स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने से एक ओर ऊर्जा क्षेत्र को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर दुमका के लोगों को स्वच्छ, शांत और बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा.
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