सात साल पुराने मोबाइल चोरी केस में आरोपी को 2 साल की सजा और 5 हजार जुर्माना

दुमका में 2019 के मोबाइल चोरी मामले में एक व्यक्ति को अदालत ने दोषी ठहराया है. आरोपी को 2 साल की कठोर कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है.

प्रतिनिधि, दुमका : मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की की अदालत ने मोबाइल चोरी के एक मामले में आरोपी शेख खुर्शीद को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी.

2019 का है चोरी का मामला

मामला दुमका टाउन थाना कांड संख्या 15/2019 का है. अभियोजन के अनुसार, 19 जनवरी 2019 को सुबह करीब 8:30 बजे सूचक सतीश प्रसाद चौरसिया अपनी दुकान में मौजूद थे. इसी दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से दुकान के सामने पहुंचा और पानी पीने के बहाने दुकान में प्रवेश किया.

टेबल से उठाया सैमसंग मोबाइल

मौका पाकर उसने दुकान में टेबल पर रखा सैमसंग जे7 मैक्स मोबाइल फोन उठा लिया और भागने का प्रयास किया. मोबाइल लेकर भागते समय आरोपी अपनी मोटरसाइकिल दुकान के बाहर चालू हालत में छोड़ गया.

दुकानदार को मोबाइल चोरी का पता चलते ही उसने शोर मचाया. शोर सुनकर आसपास के दुकानदारों और अन्य लोगों ने आरोपी का पीछा कर उसे सड़क पर पकड़ लिया. उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया.

मौके पर पकड़ा गया था आरोपी

पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम शेख खुर्शीद, पिता स्व. मोनिरुद्दीन, निवासी तारापुर, थाना सूरी, जिला बीरभूम, पश्चिम बंगाल बताया. इसके बाद सूचक के लिखित आवेदन के आधार पर दुमका टाउन थाना में कांड संख्या 15/2019 दर्ज किया गया.

छह गवाहों ने दी गवाही

मामले में अभियोजन की ओर से सहायक लोक अभियोजक शशिकांत ठाकुर ने छह गवाहों की गवाही कराई. अभियोजन की ओर से जब्ती सूची, गिरफ्तारी मेमो, प्राथमिकी और आरोप पत्र समेत अन्य दस्तावेज भी अदालत में प्रस्तुत किए गए.

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को भादवि की धारा 379 के तहत दोषी माना.

जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा

सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने का अनुरोध किया. वहीं, अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर दंड देने की मांग की.

दोनों पक्षों को सुनने के बाद सीजेएम अनूप तिर्की ने 14 सितंबर 2026 को आरोपी को धारा 379 भादवि के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास तथा 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त तीन माह के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी. फैसले में ट्रायल के दौरान बिताए गए 25 दिनों की हिरासत का भी उल्लेख किया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Jayswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >