प्रतिनिधि, जामा (दुमका): जामा थाना क्षेत्र के आसनजोर पंचायत के हेठरेंगनी गांव से करीब 13 वर्ष पहले लापता हुए अनिल मरिक का ठिकाना आखिरकार मिल गया है. 17 वर्ष की उम्र में घर से निकला अनिल अब मुंबई के एक आश्रम में सुरक्षित है. बेटे के सुरक्षित होने की खबर मिलते ही परिवार की वर्षों पुरानी चिंता खुशी में बदल गयी. उसे घर वापस लाने के लिए सोमवार को उसके माता-पिता मुंबई रवाना हो गये.
सरसाबाद पंचायत के मुखिया राजू पुजहर के नेतृत्व में समाजसेवी आनंदी राउत और अनिल के माता-पिता मुंबई गये हैं. सभी का उद्देश्य मुंबई स्थित आश्रम पहुंचकर अनिल को सकुशल अपने गांव वापस लाना है.
सोशल मीडिया पोस्ट से मिली 13 साल बाद बेटे की खबर
बताया गया कि जामा के सामाजिक कार्यकर्ता विजय कापरी ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से 13 वर्ष पहले लापता हुए युवक के मुंबई के एक आश्रम में सुरक्षित होने की जानकारी साझा की थी.
पोस्ट के बाद उन्होंने अनिल के परिजनों से संपर्क किया और उन्हें बेटे के बारे में जानकारी दी. वर्षों से बेटे की तलाश में जुटे परिवार को जब उसके सुरक्षित होने की खबर मिली तो घर में खुशी का माहौल लौट आया.
आर्थिक तंगी बनी मुंबई जाने में बाधा
अनिल के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसे वापस लाने के लिए माता-पिता के सामने मुंबई जाने की चुनौती थी. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे आसानी से लंबी दूरी की यात्रा कर सकें.
परिवार की परेशानी को देखते हुए जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी समेत अन्य समाजसेवियों ने आर्थिक सहयोग किया. सहयोग मिलने के बाद अनिल के माता-पिता के लिए मुंबई जाना संभव हो सका.
13 साल बाद बेटे से मिलने की उम्मीद
13 वर्षों से बेटे की राह देख रहे माता-पिता के लिए मुंबई का यह सफर भावुक और उम्मीदों से भरा हुआ है. जिस बेटे के लौटने की आस परिवार ने वर्षों तक नहीं छोड़ी, अब उसके सामने आने की उम्मीद जगी है.
परिवार को भरोसा है कि अनिल को जल्द ही आश्रम से अपने गांव लाया जा सकेगा और वह फिर से अपने माता-पिता और अपनों के बीच रहेगा. अनिल के सुरक्षित मिलने की खबर से गांव के लोगों में भी खुशी है.
स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल में सहयोग करने वाले विधायक, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य समाजसेवियों के प्रति आभार जताया है.
