मसानजोर में उमड़ा सैलानियों का जनसैलाब, बिहार–पश्चिम बंगाल से भी पहुंचे पर्यटक

मसानजोर, दिगलपहाड़ी, कैराबनी डैम, सिलंगी और नारगंज जैसे पर्यटन स्थलों पर भीड़ देखी गयी.

दुमका. नववर्ष 2026 के स्वागत में दुमका जिला सहित मसानजोर और आसपास के पिकनिक स्थलों पर दिनभर उत्सव का माहौल बना रहा. कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और गुरुवार की सुबह से ही परिवार व मित्रों के साथ पिकनिक मनाने का सिलसिला शुरू हो गया. दुमका शहर के आसपास कुरूवा, बास्कीचक, सेल्फी ब्रिज, तातलोई, चूटोनाथ, पुसोरो नदी घाट, हिजला नदी, बिजयपुर नदी घाट सहित अन्य स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचे. वहीं मसानजोर, दिगलपहाड़ी, कैराबनी डैम, सिलंगी और नारगंज जैसे पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़ देखी गयी. पर्यटन स्थल मसानजोर में इस बार झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और बिहार से भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे. डैम क्षेत्र, पहाड़ की तलहटी और मयूराक्षी नदी के चट्टानी किनारों पर हजारों की संख्या में पर्यटक पिकनिक मनाते नजर आए. युवाओं की टोलियां डीजे और साउंड सिस्टम के साथ देर शाम तक थिरकती रहीं और लजीज व्यंजनों का आनंद लिया गया. मसानजोर डैम में सैलानियों ने बोटिंग का भी भरपूर लुत्फ उठाया. पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए मसानजोर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी. दुमका–सिउड़ी मुख्य पथ पर ट्रकों की नो-एंट्री लागू की गयी थी. केवल सवारी वाहनों और बसों को प्रवेश की अनुमति दी गई. जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी. मसानजोर डैम में काफी संख्या में पर्यटकों ने बोटिंग का आनंद भी उठाया. पर्यटकों ने डैम के उत्तर व दक्षिण भाग के अलावा यूथ हॉस्टल के समीप तथा शिशुबागान,धाजापाड़ा आदि जगहों पर पिकनिक मनाया. इलाके में इस अवसर पर देशी व विदेशी शराब की बिक्री भी जमकर हुई. पर्यटन वाहनों से जमकर वसूली भी हुई : पिकनिक मनाने के लिए पश्चिम बंगाल से आने वाले पर्यटन वाहनों से झारखंड पश्चिम बंगाल सीमा पर दिगुली व महेषखाला चेकपोस्ट पर टूरिस्ट बसों व छोटी वाहनों से जमकर वसूली की गयी. जानकारी के अनुसार कुछ लड़कों के द्वारा बसों से दो सौ रुपये तथा छोटी वाहनों से भी वसूली की गयी. वहीं मसानजोर में भी पार्किंग के नाम पर बसों से तीन सौ रुपए की दर से तथा छोटी वाहनों से सौ रुपए की दर से वसूली किया गया. जिससे वाहन चालकों में रोष देखा गया. पर अधिकांश वाहन बाहर के होने के कारण मजबूरी में पैसे देने को मजबूर थे. शहर के पार्कों और रेस्टोरेंट में भी रही नववर्ष की रौनक : दुमका. नववर्ष के आगमन के साथ ही दुमका शहर में भी जश्न का माहौल देखने को मिला. सुबह से ही लोगों ने मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं. इसके बाद रेस्टोरेंट, मॉल और पार्कों की ओर लोगों का रुख बढ़ता गया.दुमका पार्क, सिदो-कान्हू शौर्य स्मारक पार्क, कुरूवा पार्क सहित शहर के सभी पार्कों में बच्चों और परिवारों की भारी भीड़ रही. बच्चों ने झूलों और खेलों का आनंद लिया, जबकि अभिभावक परिवार संग पिकनिक मनाते नजर आए. दोपहर होते-होते पार्क पूरी तरह लोगों से भर गए. शहर के कई रेस्टोरेंट में युवक-युवतियों और परिवारों ने विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लिया. सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच लोगों ने शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्वक नववर्ष का स्वागत किया. नववर्ष पर मंदिरों, चर्चों में उमड़े श्रद्धालु : दुमका. नववर्ष 2026 के पहले दिन गुरुवार को दुमका शहर धार्मिक आस्था में भी डूबा नजर आया. सुबह से ही शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने पूजा-अर्चना कर अपने और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. शहर के धर्मस्थान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर पूजा करते नजर आए. मंदिर को फूलों से सजाया गया था. इसके अलावा शिवपहाड़, दुर्गास्थान सहित अन्य मंदिरों में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे. पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के लिए चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था. इसी क्रम में शहर के चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गयीं, नववर्ष के अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई और फूल भेंट कर शुभकामनाएं दीं. इधर, नववर्ष के अवसर पर मलूटी स्थित मां मौलिक्षा मंदिर में गुरुवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे और तारा मां की बड़ी दीदी के रूप में पूजित मां मौलिक्षा की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचकर नववर्ष में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए. पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा. पूजा-अर्चना के बाद बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मलूटी में स्थित ऐतिहासिक टेराकोटा शैली में निर्मित मंदिर समूहों का भ्रमण किया और इस प्रसिद्ध विरासत स्थल की अद्वितीय स्थापत्य कला का अवलोकन किया. वहीं कई पर्यटक दलों ने मां मौलिक्षा मंदिर के समीप नदी किनारे पिकनिक मनाकर प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिताया. जामा के सिरसानाथ शिव मंदिर और चुटोनाथ स्थित शिवालय में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. अहले सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा. सिरसानाथ शिव मंदिर में दुमका, जामा, रामगढ़ और जरमुंडी क्षेत्र से पहुंचे श्रद्धालुओं ने फूल, बेलपत्र, नैवेद्य, धूप-अगरबत्ती के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा वर्ष भर सुख-समृद्धि और कुशलता की कामना की. इसी तरह चुटोनाथ शिवालय एवं पहाड़ ठाकुर में भी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और परिवार व क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की. पूजा के उपरांत चुटोनाथ मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों ने पिकनिक का भी आनंद लिया. वहीं तातलोई गर्म जल कुंड में अहले सुबह से ही हजारों पुरुषों और महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगायी. स्थानीय मान्यता के अनुसार तातलोई गर्म जल कुंड में स्नान करने से चर्म रोग से मुक्ति मिलती है. तातलोई क्षेत्र के आसपास पहाड़ी इलाकों में भी लोगों ने पिकनिक मनाया. सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि सिरसानाथ, चुटोनाथ और तातलोई तीनों स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. दिनभर पुलिस प्रशासन की निगरानी रही और कहीं से किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.

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Published by: Binay kumar

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