मसानजोर डैम में बढ़ा पानी तो खुले 8 फाटक, 9500 क्यूसेक पानी से चढ़ा मयुराक्षी का जलस्तर

लगातार बारिश के कारण मसानजोर डैम का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिसके चलते प्रबंधन ने 8 फाटकों को खोलकर 9500 क्यूसेक पानी छोड़ा. इससे मयुराक्षी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. जलस्तर नियंत्रण में आने के बाद गेट बंद करने की तैयारी है.

रानीश्वर. पिछले कई दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण मसानजोर डैम का जलस्तर बढ़कर 387.10 फीट तक पहुंच गया. डैम के जलस्तर को नियंत्रण में रखने के लिए प्रबंधन की ओर से पहले हाई लेवल के तीन फाटक खोलकर करीब 4500 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही . शुक्रवार की शाम पांच और फ्लड गेट खोल दिये गये. इसके बाद कुल आठ फाटकों से करीब 9500 क्यूसेक पानी की निकासी की गयी. पानी की निकासी बढ़ाये जाने से डैम का जलस्तर नियंत्रित किया गया.

मयुराक्षी नदी का जलस्तर भी बढ़ा

मसानजोर डैम के आठ फाटक खोलकर 9500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद रानीश्वर क्षेत्र में मयुराक्षी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. मयुराक्षी नदी का पानी पश्चिम बंगाल के तिलपाड़ा बराज तक पहुंचने के कारण वहां भी जलस्तर बढ़ गया है. इसके मद्देनजर तिलपाड़ा बराज के भी कुछ गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है.

एक टरबाइन से दो मेगावाट बिजली का उत्पादन जारी

डैम से आठ फाटक खोलकर पानी की निकासी किये जाने के बावजूद पनबिजली केंद्र में बिजली उत्पादन जारी है. केंद्र की दो टरबाइनों में से एक टरबाइन चालू कर करीब दो मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है. उत्पादित बिजली पश्चिम बंगाल के सिउड़ी भेजी जा रही है.

जलस्तर घटने पर गेट बंद करने की तैयारी

जानकारी के अनुसार, मसानजोर डैम का जलस्तर घटकर 386.50 फीट पर पहुंच गया है. फिलहाल बारिश नहीं होने के कारण डैम के गेट बंद किये जाने की खबर है. प्रबंधन की ओर से जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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लेखक के बारे में

By साधन सेन

वर्ष 1999 के नवंबर महीने से प्रभात खबर अखबार में पत्रकारिता शुरू की. दुमका के रानीश्वर प्रखंड से पत्रकारिता करते हुए जनहित की खबरों को प्राथमिकता देना, हमेशा मेरा ध्येय रहा है.

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