प्रतिनिधि, काठीकुंड
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा गुरुवार को काठीकुंड बाजार में उत्साह व श्रद्धा के साथ निकाली गयी. बाबा दानीनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद आकर्षक ढंग से सजे रथ पर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को विराजमान कर यात्रा आरंभ हुई. कीर्तन-भजन, ढोल-मांदर और \"जय जगन्नाथ \" के जयघोष से पूरा काठीकुंड बाजार भक्तिमय हो उठा. श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी पकड़कर रथ खींचा और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया. बाजार भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया तथा सुख-समृद्धि की कामना की. महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी अच्छी भागीदारी रही. लगभग चार दशक पुरानी इस धार्मिक परंपरा के सफल संचालन में गणेश पाल के नेतृत्व में बुधन पाल, मिथुन पाल, फूलचंद पाल, रवि पाल समेत कई स्थानीय श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभायी. श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया. सीमित संसाधनों के बावजूद वर्षों से निरंतर जारी यह रथ यात्रा काठीकुंड की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की जीवंत मिसाल बनी हुई है.
