दवा व स्वास्थ्य जांच सेवाओं की सूची लगायें, हेल्थ इंफॉर्मेशन कियोस्क को करें चालू

डीसी ने फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल का किया निरीक्षण, कहा

दुमका. उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने शुक्रवार को फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवाई की उपलब्धता, मरीजों की सुविधा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिया. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता संबंधी बोर्ड प्रमुख स्थान पर लगायी जाये. उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों की सूची बोर्ड पर अद्यतन की जाये, ताकि मरीजों को दवा की उपलब्धता की जानकारी आसानी से मिल सके. इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में की जाने वाली स्वास्थ्य जांच सेवाओं की सूची भी प्रदर्शित करने का निर्देश दिया. उन्होंने लगने के तुरंत बाद से बंद पड़े हेल्थ इंफॉर्मेशन कियोस्क को तत्काल फंक्शनल कराने का निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी सुलभ कराई जाये. एचडीयू वार्ड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने एसी को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया. इसके अतिरिक्त उन्होंने आइसीयू, इसीजी, फिजियोथेरेपी समेत अन्य वार्डों की स्थिति की समीक्षा की. कहा कि ट्वायलेट की साफ-सफाई प्रतिदिन नियमित रूप से कराई जाये. मरीजों व उनके परिजनों के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में चेयर लगायी जाये, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो. उन्होंने सभी खराब वाटर फिल्टरों को अविलंब दुरुस्त कराने व अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. इस दौरान उपस्थित मरीजों ने उपायुक्त को बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इस पर भी उन्होंने सिविल सर्जन को आवश्यक कार्रवाई कर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. मरीजों ने एंबुलेंस सेवा से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी उपायुक्त को दी, जिस पर उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया. सही काम नहीं करनेवाले होमगार्ड को करें चिह्नित उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल में प्रतिनियुक्त होमगार्ड व कर्मियों में जो अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. साथ ही अनावश्यक भीड़ न लगे, इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिया कि वार्ड में किसी भी मरीज के साथ एक से अधिक अटेंडेंट न रहें, इसे सख्ती से लागू किया जाए ताकि अस्पताल की व्यवस्था सुव्यवस्थित बनी रहे. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ सिविल सर्जन, संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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Published by: Rakesh kumar

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