प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. जरमुंडी प्रखंड की कालाडुमरिया पंचायत मुख्यालय से खिजुरमां, गोड़िम्बा और ठाड़ीपाथर होते हुए सरैयाहाट तक जाने वाली शॉर्टकट सड़क बदहाल है. सड़क की जर्जर स्थिति के कारण इस मार्ग से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 80 वर्ष और झारखंड गठन के 26 वर्ष बाद भी क्षेत्र के कई गांव बेहतर सड़क सुविधा से वंचित हैं.
कालाडुमरिया हटिया से जुड़ता है कई गांवों का रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार कालाडुमरिया हटिया से डुमरकोला, खिजुरमां, गोड़िम्बा और ठाड़ीपाथर होते हुए यह सड़क सहारा, बरमासा, फतेहपुर और बैजनाथपुर रोड से जुड़ती है. बैजनाथपुर से कालाडुमरिया तक सड़क की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन इसके आगे कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है.
बारिश के दिनों में सड़क पर कीचड़ और जलजमाव के कारण स्थिति और खराब हो जाती है. जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवाजाही में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
हटिया तक पहुंचना भी किसानों के लिए चुनौती
कालाडुमरिया हटिया आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए खरीद-बिक्री का प्रमुख केंद्र है. सड़क खराब होने का सीधा असर किसानों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है. किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानी होती है, जबकि छोटे कारोबारियों को भी आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ता है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण या समुचित मरम्मत होने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि कालाडुमरिया हटिया समेत स्थानीय बाजार की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
मयूराक्षी-संकरी संगम के 3 हजार लोगों को बेहतर सड़क का इंतजार
मयूराक्षी और संकरी नदी के संगम स्थल के समीप बसे इन गांवों में तीन हजार से अधिक लोग निवास करते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़क का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और व्यवसायियों पर पड़ रहा है.
सड़क की बदहाली के कारण ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है. कई बार मरीजों को भी खराब रास्ते के कारण समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है.
बारिश में गड्ढों में भर जाता है पानी
खिजुरमां, गोड़िम्बा, ठाड़ीपाथर समेत आसपास के गांवों के विद्यार्थियों और मरीजों की परेशानी बारिश में और बढ़ जाती है. सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां समतल है और कहां गड्ढा. ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ती है.
ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की
ग्रामीण हरेन्द्र राय, धुरेन्दर राय, श्रवण गुप्ता, जितलाल सोरेन, सुरेश सोरेन, गिरीधारी राय, रीतलाल राय, लक्ष्मण राय और परमेश्वर राय ने प्रशासन से सड़क की शीघ्र मरम्मत और निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सड़क बेहतर होने से कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी.
