कर्पूरी ठाकुर का संघर्ष प्रेरणा व मार्गदर्शन के अमिट स्रोत : अभयकांत

बासुकिनाथ में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनी. पूर्व सांसद ने कहा कि उनका जीवन वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा.

बासुकिनाथ. सादगी के प्रतीक, सामाजिक न्याय के प्रणेता और गरीबों-वंचितों की आवाज़, पूर्व मुख्यमंत्री ”भारत रत्न” जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती बासुकिनाथ में शनिवार को मनायी गयी. मुख्य अतिथि पूर्व सांसद अभयकांत प्रसाद, पटेल सेवा संस्थान के अध्यक्ष विश्वंभर राव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गौरवकांत प्रसाद, नपं की पूर्व अध्यक्ष पूनम देवी द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित कर जननायक को श्रद्धांजलि दी गयी. पूर्व सांसद ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का समानता, सरलता और सिद्धांतों पर आधारित जीवन वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा. उनके विचार और संघर्ष आज भी हमारे लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का अमिट स्रोत बने हुए हैं. वे सामाजिक न्याय के पक्षधर थे. पटेल सेवा संस्थान के अध्यक्ष सह वरिष्ठ भाजपाई विश्वम्भर राव ने कहा कि वे एक महान नेता थे और बतौर मुख्यमंत्री उनके कार्यकाल में एकीकृत बिहार ने विकास के नए आयाम गढ़े. युवा नेता राकेश मिश्रा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर पहले समाजवादी नेता थे, जिन्होंने पहली बार सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में अपने आप को प्रस्तुत किया था. वो उस समय के ऐसे एकमात्र नेता थे, जिसे लोगों ने जननायक की उपमा देकर संबोधित किया. उनका जीवन सरल और सादगी का प्रतीक था. कार्यक्रम की अध्यक्षता बालमुकुंद ठाकुर ने की. इस अवसर पर कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गौरवकांत प्रसाद, विश्वंभर राव, संदीप पांडेय, स्वरूप सिन्हा, नरेश पंडा, प्रवीण सिंह, पप्पू सिंह, राकेश मिश्रा, रंजीत पांडेय, गुड्डू ठाकुर, पंकज ठाकुर, पिंटू ठाकुर, नंदकिशोर ठाकुर सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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Published by: Binay kumar

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