बासुकिनाथ : केंद्र सरकार के डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और एग्रीस्टैक योजना के तहत जरमुंडी प्रखंड में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किया जा रहा है. खरीफ मौसम में प्रखंड के कुल 1,06,352 प्लॉट का सर्वे किया जाना है. बुधवार दोपहर तक करीब 6,400 प्लॉट का सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है. सर्वे के लिए प्रखंड में अब तक 210 सर्वेयर तैयार किए गए हैं.
इस संबंध में जानकारी देते हुए बीटीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. पूरे दुमका जिले में खरीफ मौसम के दौरान कुल 18,56,702 प्लॉट का सर्वे किया जाना है. जरमुंडी प्रखंड में कृषक मित्र, वीएलई और निजी सर्वेयर के माध्यम से सर्वे का कार्य कराया जा रहा है. प्रत्येक सर्वे के लिए सर्वेयर को 10 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा
बीटीएम ने बताया कि मोबाइल ऐप के माध्यम से खेत की जियो-टैग फोटो लेकर फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. सर्वेयर गांव-गांव जाकर किसानों के खेत, खसरा नंबर, फसल का नाम, बुवाई की तिथि और सिंचाई के साधन समेत अन्य आवश्यक जानकारी ऐप में दर्ज करेंगे. इससे खेत में वास्तव में लगी फसल का सटीक आंकड़ा तैयार हो सकेगा.
डिजिटल क्रॉप सर्वे से पीएम फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान अधिप्राप्ति और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही फर्जी लाभ लेने पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी. सूखा, बाढ़ या ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल क्षति का आकलन तेजी से किया जा सकेगा, जिससे प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने में सुविधा होगी. -
