जोगियाटीकर टोला में सड़क और पेयजल संकट, बरसात में बढ़ गयी है परेशानी संवाददाता, दुमका जामा प्रखंड के गायबथान गांव स्थित जोगियाटीकर टोला में आज भी आदिम जनजाति के कई परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. टोला में लगी सोलर जलमीनार पिछले दो वर्षों से खराब पड़ी है, जबकि 17 परिवार केवल महज एक चापाकल के सहारे गुजर-बसर कर रहे हैं. टोला तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है. बरसात के दिनों में कीचड़ के कारण स्थिति और भी बदतर हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि टोला में न तो पीसीसी ढलाई हुई है और न ही बेहतर पेयजल की व्यवस्था है. पूरे टोला के लोग एकमात्र चापाकल पर निर्भर हैं. इसी चापाकल से मवेशियों को भी पानी पिलाया जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है. ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार खराब होने की शिकायत कई बार की गयी, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं करायी गयी है. ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया को भी जलमीनार की खराब स्थिति की जानकारी दी गयी है, बावजूद इसके कोई पहल नहीं हुई. आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस भी टोला तक नहीं पहुंच पाती है. ग्रामीण पुरण पुजहर, विशु पुजहर, राजू पुजहर, मानेश्वर पुजहर, गोविंद पुजहर, जीतन पुजहर, सुरेंद्र पुजहर, सुरेश पुजहर, प्रमिला देवी, आभा देवी, नोमिता देवी, हीरा देवी, लखी देवी, मिनी देवी और आशा देवी ने सरकार, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से जल्द जलमीनार की मरम्मत कराने, पीसीसी ढलाई करवाने तथा टोला को पक्की सड़क से जोड़ने की मांग की है.
दो वर्षों से सोलर जलमीनार खराब, चापाकल के सहारे 17 परिवार
रसात के दिनों में कीचड़ के कारण स्थिति और भी बदतर हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि टोला में न तो पीसीसी ढलाई हुई है और न ही बेहतर पेयजल की व्यवस्था है.
