हिंदी देश की एकता, संस्कृति व सभ्यता का प्रतीक

हिन्दी दिवस पर प्रमंडलीय कार्यालय में विचार गोष्ठी आयोजित, बोले आयुक्त

दुमका. संताल परगना प्रमंडलीय कार्यालय में हिंदी दिवस पर राजभाषा विभाग की ओर से विचार गोष्ठी हुई. शुभारंभ मुख्य अतिथि आयुक्त लालचंद डाडेल, पुलिस महानिरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिन्हा, वन प्रमंडल पदाधिकारी सात्विक एवं अन्य अतिथियों ने किया. आयुक्त ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की एकता, संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करने से न केवल कार्यों में सहजता आती है, बल्कि जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करना भी सरल हो जाता है. आयुक्त ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हिंदी को आत्मसम्मान और गर्व की भाषा के रूप में अपनायें. पुलिस महानिरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि हिंदी भाषा सरल, सहज और सर्वसुलभ है. यह भाषा विविधताओं से भरे हमारे समाज को एक सूत्र में बांधती है. उन्होंने कहा कि तकनीकी और डिजिटल युग में भी हिंदी को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि आनेवाली पीढ़ियां अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी रहें. वन प्रमंडल पदाधिकारी सात्विक ने हिंदी के इतिहास, विकास यात्रा और विशेषता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हिन्दी ने समय-समय पर अनेक भाषाओं और बोलियों को आत्मसात कर अपनी अभिव्यक्ति को और भी समृद्ध किया है. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में हिंदी का उपयोग बढ़ायें. इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी हिन्दी भाषा की गरिमा, इसकी प्रासंगिकता और संवर्धन पर बल देते हुए इसे राष्ट्र की आत्मा और पहचान बताया. विचार गोष्ठी के अंत में सभी ने हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और इसके अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया. युवाओं की टोली गीत प्रस्तुत कर बांधा समा इससे पूर्व, अतिथियों का स्वागत उपनिदेशक राजभाषा विभाग शैलेंद्र कुमार रजक ने अपने स्वागत भाषण से किया. इस अवसर पर प्रतीक मिश्रा और ऋतुराज कश्यप के नेतृत्व में युवाओं की टोली ने स्वागत के साथ-साथ हिन्दी को लेकर गीत प्रस्तुत कर समा बांधा. सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. प्रमोदिनी हांसदा, एसपी कालेज के प्राचार्य डॉ. खिरोधर प्रसाद यादव, विवि के हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार सिन्हा, डॉ. सी. एन. मिश्रा, डॉ. छाया गुहा, अरुण कुमार सिन्हा, यदुवंश प्रणय, कुंदन झा, सुशील कुमार, विद्यापति झा, रोहित प्रत्यय, पीयूष, पवन मिश्रा, दुर्गेश चौधरी, सौरभ सिन्हा, सौरभ तिवारी, मनोज कुमार घोष, अमरेंद्र सुमन सहित अन्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. विचार गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार सिन्हा ने की, जबकि काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता अरुण कुमार सिन्हा ने की. पूरे कार्यक्रम में मंच का संचालन अशोक सिंह ने किया.

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Published by: Rakesh kumar

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