विमला देवी हत्याकांड में 15वें गवाह की गवाही, फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल के साक्ष्यों पर दी जानकारी

दुमका के चर्चित विमला देवी हत्याकांड में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में 15वें गवाह के रूप में फोरेंसिक एक्सपर्ट ने अपनी गवाही दर्ज कराई.

दुमका : दुमका नगर थाना क्षेत्र के केवटपाड़ा में पानी निकासी विवाद को लेकर हुई चर्चित विमला देवी हत्याकांड में गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि की अदालत में 15वें गवाह के रूप में फोरेंसिक एक्सपर्ट की गवाही हुई. फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटना के बाद घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने तथा घटनास्थल से मिले खून के नमूने को एकत्र कर डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजे जाने की प्रक्रिया के संबंध में न्यायालय को जानकारी दी. इस मामले में अभियोजन की ओर से अब तक कुल 15 गवाहों की गवाही हो चुकी है.

पानी निकासी को लेकर चल रहा था विवाद

केवटपाड़ा मोहल्ले में पानी निकासी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. पुलिस जांच के अनुसार मृतका विमला देवी का मुख्य विवाद आरोपी फूलचंद साह से नहीं, बल्कि पड़ोस में रहने वाली रागिनी झा से था. घटना के दिन दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी हुई थी. इसके बाद रागिनी झा ने फोन कर फूलचंद साह को बुलाया था. आरोप है कि इसके बाद फूलचंद साह घर से तलवार लेकर मौके पर पहुंचा और विमला देवी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तलवार भी बरामद की थी.

तीन आरोपियों को भेजा गया था जेल

घटना में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने फूलचंद साह, उसके पिता सहायक अवर निरीक्षक लालचंद्र साह तथा रागिनी झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अब तक 15 गवाहों का परीक्षण कराया जा चुका है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anand Jayswal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >