धर्मान्तरित व्यक्तियों को आदिवासी के लाभ से वंचित करने की मांग को लेकर पीएम को भेजा जायेगा पोस्टकार्ड

मुख्य अतिथि के रूप में जन जाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ राजकिशोर हांसदा शामिल हुए

शिकारीपाड़ा. अंचल परिसर में जन जाति सुरक्षा मंच की बैठक शनिवार को प्रखंड संयोजक अशोक मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में जन जाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ राजकिशोर हांसदा शामिल हुए. उन्होंने बैठक को संबोधित करते संगठन के कार्यों और उद्देश्यों अवगत कराया. कहा कि वर्तमान में संगठन की ओर से पोस्टकार्ड लेखन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पूरे भारत वर्ष से 50 लाख पोस्टकार्ड देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजा जायेगा. उक्त पोस्टकार्ड के माध्यम से जनजाति समाज के वे सदस्य जो अपने रुढ़ि प्रथा को छोड़ अन्य मजहब में चला गया है. जो अपने पूजा स्थल जैसे जाहेर थान, मांझी थान को नहीं मानते हैं. उनको जनजाति सूची से बाहर करने की मांग की जायेगी. उन्होंने बताया कि आज आदिवासी समाज को अपनी वास्तविक पहचान बचाने की आवश्यकता है, नहीं तो आदिवासियों की मूल पहचान ही समाप्त हो जायेगी. उन्होंने कहा कि ऐसे आदिवासी जो ईसाई या मुसलमान या किसी अन्य मत या मजहब में धर्मांतरित हो चुके है. उनको किसी भी तरह का लाभ न मिले, इसके लिए संविधान की धारा 342 में संशोधन की आवश्यकता है. उक्त धारा को संशोधित कर ये सुनिश्चित किया जाय कि धर्मांतरित व्यक्ति को आदिवासी के लाभ नहीं मिले. पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री से निवेदन किया जायेगा कि यथा शीघ्र आदिवासी समाज को न्याय दी जाये और उनके अधिकारों को सुरक्षित किया जाये. मौके पर ग्राम प्रधान संघ के प्रखंड अध्यक्ष भीम सोरेन, जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक माइकल मुर्मू, सह संयोजक संतोष पुझर, जिला निधि प्रमुख संतोष मंडल, सनत मुर्मू, विश्वनाथ मुर्मू, अभिषेक सोटेन, प्रेम मरांडी ग्राम प्रधान, नईकी, गुड़ित, कुडम नईकी आदि मौजूद थे.

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