दुमका : महिला थाना दुमका परिसर में शनिवार को थाना प्रभारी अनि अनुपमा सोरेंग की अध्यक्षता में महिला कोषांग की महत्वपूर्ण बैठक सह काउंसलिंग का आयोजन किया गया. बैठक में पारिवारिक विवादों से जुड़े कुल 9 मामलों पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में विचार-विमर्श किया गया.
6 मामलों में बनी सहमति
कोषांग के सदस्यों के प्रयास से 6 मामलों में दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया, जबकि 3 मामलों में सहमति नहीं बन सकी. काउंसलिंग के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर दिलीप खलखो, समाजसेवी मनोज कुमार घोष, अधिवक्ता वीणा सिंह, मेडिकल ऑफिसर डॉ बबिता कुमारी अग्रवाल और अधिवक्ता कुमार प्रभात उपस्थित रहे. सभी सदस्यों ने पति-पत्नी एवं उनके परिजनों को समझा-बुझाकर सुलह कराने में भूमिका निभाई.
3 मामलों में नहीं हुआ समझौता
थाना प्रभारी अनुपमा सोरेंग ने बताया कि काउंसलिंग में आए 9 मामलों में से 6 मामलों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करा दिया गया, जबकि शेष 3 मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी. इन मामलों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया जा रहा है.
इन जोड़ों में हुआ समझौता
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुरूवा निवासी समर कुमार की पुत्री मीनाक्षी भारती और पटना के बहादुरपुर थाना अंतर्गत पंचवटी नगर निवासी बच्चु पांडे के पुत्र राजू पांडे के बीच समझौता हुआ. रामगढ़ थाना क्षेत्र के पाचूवाटिकर पथरिया निवासी नकुल रविदास की पुत्री कविता कुमारी और कन्हाई रविदास, पिता विश्वनाथ दास के बीच भी सहमति बनी.
अन्य मामलों में भी बनी बात
लझारी थाना क्षेत्र निवासी सुनील राजू हांसदा की पुत्री वीणा हांसदा तथा जामताड़ा जिले के कुंडहित थाना अंतर्गत सप्तिया निवासी उदय शंकर मुर्मू के पुत्र विधान मुर्मू के बीच सहमति बनी. नगर थाना क्षेत्र के बंदर जोड़ी निवासी स्वर्गीय राम प्रसाद मंडल की पुत्री पिंकी कुमारी एवं जमुई, बिहार के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र निवासी डमरू साह के पुत्र अशोक कुमार साह के बीच भी आपसी समझौता हुआ.
दोनों पक्ष साथ रहने को राजी
जामा थाना क्षेत्र के महारो निवासी विनोद मंडल की पुत्री अंशु कुमारी और भागलपुर रोड महारो निवासी शनिचर मंडल के पुत्र पंकज मंडल ने भी साथ रहने पर सहमति जताई. शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के बेनागढ़िया निवासी रतन मिर्धा की पुत्री ज्योति कुमारी तथा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुर्गाबनी निवासी वासुदेव मिर्धा के पुत्र विजय मिर्धा के बीच भी काउंसलिंग के बाद समझौता हुआ. दोनों पक्ष राजी-खुशी से साथ विदा हुए.
