दुमका से आनंद जायसवाल की रिपोर्ट
Dumka News: झारखंड के दुमका जिले के जामा प्रखंड में आज भी आदिम जनजाति के कई परिवार बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. गायबथान गांव के जोगियाटीकर टोला में पिछले दो वर्षों से सोलर जलमिनार खराब पड़ा है. सिर्फ एक चापाकल के सहारे 17 परिवार गुजर-बसर कर रहे हैं. टोला तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है. बरसात के दिनों में कीचड़ से हालात और बदतर हो जाते हैं.
एक चापाकल पर निर्भर हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि टोला में न पीसीसी ढलाई है और न ही बेहतर पेयजल की व्यवस्था. पूरे टोला के लोग सिर्फ एक चापाकल पर निर्भर हैं. इसी चापाकल से मवेशी भी पानी पीते हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. ग्रामीण ने बताया कि दो साल से जलमिनार खराब पड़ा है. कई बार शिकायत की गई लेकिन अब तक मरम्मत नहीं हुई. बरसात में यहां चलना भी मुश्किल हो जाता है.
दो साल से बंद पड़ा है सोलर जलमिनार
ग्रामीणों ने बताया कि टोला में लगा सोलर जलमिनार पिछले दो वर्षों से बंद पड़ा है. मुखिया को इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक कोई पहल नहीं की गई. आपात स्थिति में एंबुलेंस भी टोला तक नहीं पहुंच पाती है. ग्रामीणों ने सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द जलमिनार की मरम्मत कराने, पीसीसी ढलाई करवाने और टोला को पक्की सड़क से जोड़ने की मांग की है.
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