दुमका : आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका सुधांशु कुमार शशि की अध्यक्षता में बुधवार को विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी.
बैठक में लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी.
निष्पादन योग्य मामलों की पहचान
जिला जज ने संबंधित विभागों से जुड़े निष्पादन योग्य मामलों की पहचान करने तथा उनका अद्यतन डाटा तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निबटारा सुलह-समझौते के आधार पर किया जाए.
इसके लिए संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस उपलब्ध कराने और उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
समय पर उपलब्ध कराएं डाटा
उन्होंने सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निष्पादन योग्य मामलों का डाटा निर्धारित प्रारूप में तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकार को समय पर उपलब्ध कराएं. मामलों की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी समय-समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया.
त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम
जिला जज ने कहा कि लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है. इसके माध्यम से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है तथा समय और धन की बचत के साथ मामलों का शीघ्र समाधान संभव होता है.
उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की.
