अंधेरे में डूबे दुमका के 45 गांव: प्रशासन के फरमान से हड़कंप, पानी-पढ़ाई सब ठप

Dumka Electricity Cut: देवघर बिजली विभाग के SDO सोमेश कुमार के निर्देश पर दुमका के मसलिया प्रखंड के 45 गांवों की बिजली काट दी गई है. शिमला ग्रिड में खराबी के बाद अचानक हुए इस ब्लैकआउट से गुस्साए ग्रामीणों ने अब वर्ष 2023 में बने छोटा चापूड़िया आश्रम मोड़ सब-स्टेशन से जुड़ने की कानूनी और व्यावहारिक रणनीति बनाई है. कार्यपालक अभियंता अमिताभ बच्चन सोरेन ने कहा कि जोड़ने की तैयारी जारी है.

दुमका से पवन पंडित की रिपोर्ट

Dumka Electricity Cut, दुमका : बिजली कटौती और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर दुमका के मसलिया क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. बुधवार रात लगभग 9:30 बजे देवघर बिजली विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के निर्देश पर मसलिया क्षेत्र के 45 गांवों की बिजली पूरी तरह से काट दी गई है. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

बिना सूचना बिजली काटने से भड़के ग्रामीण

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीषण गर्मी और खेती-किसानी के इस दौर में बिना किसी पूर्व सूचना के इतने बड़े पैमाने पर बिजली काटना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है. अचानक बिजली कटने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है, बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है और रोजमर्रा के सारे काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने के बाद भी इस तरह बिजली काट देना उनके साथ सरासर अन्याय है.

Also Read: पलामू: आजादी के दशकों बाद भी विकास को तरस रहा ठेमी गांव, एक भी व्यक्ति ने नहीं की मैट्रिक तक की पढ़ाई

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, देवघर जिला स्थित शिमला पावर सब-स्टेशन से वर्ष 2010-11 में मसलिया प्रखंड (दुमका) के लगभग 45 गांवों को बिजली से जोड़ा गया था. तब से लेकर अब तक इन गांवों में नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति हो रही थी. इसके बाद वर्ष 2023 में मसलिया (दुमका) के ही छोटा चापूड़िया आश्रम मोड़ में एक नए पावर सब-स्टेशन का उद्घाटन किया गया था.

देवघर SDO और दुमका कार्यपालक अभियंता का पक्ष

देवघर SDO सोमेश कुमार के अनुसार, शिमला ग्रिड के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण उनके अपने क्षेत्र (चितरा, सारठ और पालाजोरी) में बिजली की आपूर्ति सही से नहीं हो पा रही है. इन आंतरिक समस्याओं को देखते हुए ही मसलिया (दुमका) की बिजली को आउट (काट) कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि दुमका के इन गांवों को अब आश्रम स्थित सब-स्टेशन से जोड़ लेना चाहिए. कार्यपालक अभियंता अमिताभ बच्चन सोरेन ने इस संबंध में कहा कि ब्लैकआउट का सामना कर रहे इन सभी 45 गांवों को छोटा चापूड़िया आश्रम मोड़ के सब-स्टेशन से जोड़ने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है.

‘आश्रम सब-स्टेशन’ से जुड़ने की तैयारी में ग्रामीण

इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रभावित 45 गांवों के ग्रामीण अब पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं. ग्रामीणों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि वे अब देवघर के शिमला पावर हाउस के भरोसे नहीं रहेंगे. इसके विकल्प के रूप में सभी गांवों को दुमका के ही ‘आश्रम सब-स्टेशन’ से जोड़ने की कानूनी और व्यावहारिक रणनीति तैयार की जा रही है.

प्रभावित होने वाले मुख्य गांव

शिमला (देवघर) सब-स्टेशन से कटने वाले मुख्य गांवों में बड़ा डुमरिया, खुटोजोरी, पिंडारी, गुमरो, कुरुआ, करमाटांड़, जोगिडीह, घसीमारणी, घुरमुन्दनी, गाड़ा पाथर, बसमता और सिद्पहाडी समेत अन्य ग्रामीण इलाके शामिल हैं.

Also Read: रांची के धुर्वा से दो जुड़वा भाई करण-अर्जुन चार दिन से लापता, जांच में जुटी पुलिस

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >