दुमका से पवन पंडित की रिपोर्ट
Dumka Electricity Cut, दुमका : बिजली कटौती और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर दुमका के मसलिया क्षेत्र में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है. बुधवार रात लगभग 9:30 बजे देवघर बिजली विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के निर्देश पर मसलिया क्षेत्र के 45 गांवों की बिजली पूरी तरह से काट दी गई है. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
बिना सूचना बिजली काटने से भड़के ग्रामीण
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीषण गर्मी और खेती-किसानी के इस दौर में बिना किसी पूर्व सूचना के इतने बड़े पैमाने पर बिजली काटना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है. अचानक बिजली कटने से पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है, बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है और रोजमर्रा के सारे काम पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नियमित रूप से बिजली बिल चुकाने के बाद भी इस तरह बिजली काट देना उनके साथ सरासर अन्याय है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, देवघर जिला स्थित शिमला पावर सब-स्टेशन से वर्ष 2010-11 में मसलिया प्रखंड (दुमका) के लगभग 45 गांवों को बिजली से जोड़ा गया था. तब से लेकर अब तक इन गांवों में नियमित रूप से बिजली की आपूर्ति हो रही थी. इसके बाद वर्ष 2023 में मसलिया (दुमका) के ही छोटा चापूड़िया आश्रम मोड़ में एक नए पावर सब-स्टेशन का उद्घाटन किया गया था.
देवघर SDO और दुमका कार्यपालक अभियंता का पक्ष
देवघर SDO सोमेश कुमार के अनुसार, शिमला ग्रिड के ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ गई है, जिसके कारण उनके अपने क्षेत्र (चितरा, सारठ और पालाजोरी) में बिजली की आपूर्ति सही से नहीं हो पा रही है. इन आंतरिक समस्याओं को देखते हुए ही मसलिया (दुमका) की बिजली को आउट (काट) कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि दुमका के इन गांवों को अब आश्रम स्थित सब-स्टेशन से जोड़ लेना चाहिए. कार्यपालक अभियंता अमिताभ बच्चन सोरेन ने इस संबंध में कहा कि ब्लैकआउट का सामना कर रहे इन सभी 45 गांवों को छोटा चापूड़िया आश्रम मोड़ के सब-स्टेशन से जोड़ने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है.
‘आश्रम सब-स्टेशन’ से जुड़ने की तैयारी में ग्रामीण
इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रभावित 45 गांवों के ग्रामीण अब पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं. ग्रामीणों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि वे अब देवघर के शिमला पावर हाउस के भरोसे नहीं रहेंगे. इसके विकल्प के रूप में सभी गांवों को दुमका के ही ‘आश्रम सब-स्टेशन’ से जोड़ने की कानूनी और व्यावहारिक रणनीति तैयार की जा रही है.
प्रभावित होने वाले मुख्य गांव
शिमला (देवघर) सब-स्टेशन से कटने वाले मुख्य गांवों में बड़ा डुमरिया, खुटोजोरी, पिंडारी, गुमरो, कुरुआ, करमाटांड़, जोगिडीह, घसीमारणी, घुरमुन्दनी, गाड़ा पाथर, बसमता और सिद्पहाडी समेत अन्य ग्रामीण इलाके शामिल हैं.
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