रामगढ़ में महिला कृषकों के साथ कृषि वैज्ञानिकों की परिचर्चा

पारंपरिक खेती के साथ-साथ आयवर्द्धन के लिए मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, पौधशाला संचालन, किचन गार्डन, वर्मी कम्पोस्ट और फूलों की खेती के विविध पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया.

रामगढ़. विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत शनिवार को रामगढ़ प्रखंड के धोबा और कंजवे पंचायतों की महिला कृषकों के साथ विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, दुमका के कृषि वैज्ञानिक डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ किरण मेरी कंडीर और केंद्रीय कृषि वैज्ञानिक डॉ जयंत कुमार लाल उपस्थित थे. परिचर्चा के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने ग्रामीण महिला कृषकों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी और देशी फसलों की खेती को पुनः प्रोत्साहित करने पर बल दिया. पारंपरिक खेती के साथ-साथ आयवर्द्धन के लिए मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, पौधशाला संचालन, किचन गार्डन, वर्मी कम्पोस्ट और फूलों की खेती के विविध पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया. कार्यक्रम में स्वयंसेवी संस्था ग्राम साथी के सहयोग से गेंदा फूल की खेती कर रहीं महिला कृषक पकु हेम्ब्रम ने अपने अनुभव साझा किए. ग्राम साथी के प्रखंड समन्वयक मुकेश कुमार गुप्ता ने कृषि विज्ञान केंद्र की टीम को “एम्पावर्ड परियोजना ” के तहत ग्रामीण महिला किसानों की आर्थिक समृद्धि हेतु चल रही गतिविधियों की जानकारी दी और वैज्ञानिकों से इस दिशा में समुचित सहयोग का अनुरोध किया. कृषि वैज्ञानिकों ने महिला कृषकों को आगामी 15 जून के बाद कृषि विज्ञान केंद्र दुमका में आकर मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन समेत अन्य उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का आमंत्रण दिया. परिचर्चा में आत्मा के बीटीएम अवधेश कुमार, ग्राम साथी के शिवानंद शिवम, रूपेश कुमार समेत कई स्थानीय प्रतिनिधि और महिला कृषक शामिल थीं.

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Published by: Anand jaswal

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