हंसडीहा डेयरी कॉलेज बना रोजगार की नई राह, JPSC समेत कई नौकरियों में चयन

हंसडीहा स्थित फूलो झानो मुर्मू डेयरी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय राज्य में डेयरी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. 30 विद्यार्थियों से शुरू होकर, यह संस्थान अब युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार के लिए तैयार कर रहा है.

प्रतिनिधि, हंसडीहा: हंसडीहा स्थित फूलो झानो मुर्मू डेयरी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय आज डेयरी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. राज्य में डेयरी शिक्षा के लिए स्थापित यह पहला महाविद्यालय है. स्थापना से लेकर अब तक कॉलेज ने शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है.

कॉलेज की स्थापना की पहल सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने वर्ष 2010 में की थी. वर्ष 2011 में तत्कालीन भाजपा-झामुमो गठबंधन सरकार के कार्यकाल में उनके प्रयासों से कॉलेज का शिलान्यास हुआ और भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ. बाद में तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कॉलेज भवन का उद्घाटन किया.

30 विद्यार्थियों से शुरू होने वाला सफर, अब रोजगार तक पहुंच

डेयरी इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है. कॉलेज में प्रतिवर्ष 30 विद्यार्थियों के नामांकन की क्षमता है, जबकि चार वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम में अधिकतम 120 विद्यार्थी अध्ययन कर सकते हैं.

कॉलेज में आईसीएआर की नवीनतम 5वीं डीन कमेटी के मानकों के अनुसार पांच विभाग संचालित हैं. वहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करते हुए आईसीएआर की 6वीं डीन कमेटी के तहत पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था अपनाने के लिए आवेदन किया गया है.

स्किल कोर्स से स्टार्टअप तक की तैयारी

कॉलेज में विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई स्किल एन्हांसमेंट और ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं.

इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नौकरी के साथ-साथ स्टार्टअप और व्यवसायिक सोच विकसित करना है. कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों को इस तरह तैयार कर रहा है कि वे रोजगार तलाशने के साथ भविष्य में खुद का व्यवसाय भी शुरू कर सकें.

NDRI और BHU में भी चमक रहा कॉलेज का नाम

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कॉलेज के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. अब तक 15 से अधिक विद्यार्थी NDRI करनाल और BHU वाराणसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से M.Tech की डिग्री हासिल कर चुके हैं.

वर्तमान में 10 से अधिक विद्यार्थी ICAR-NDRI में PhD कर रहे हैं. इससे कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच उच्च शिक्षा को लेकर बढ़ती रुचि और संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों का अंदाजा लगाया जा सकता है.

झारखंड मिल्क फेडरेशन में हर साल मिल रही नौकरी

रोजगार के क्षेत्र में भी कॉलेज के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर रहा है. कॉलेज के प्रथम बैच के नौ विद्यार्थियों का चयन झारखंड मिल्क फेडरेशन में हुआ था.

इसके बाद प्रत्येक वर्ष करीब चार से छह विद्यार्थियों को झारखंड मिल्क फेडरेशन में रोजगार मिल रहा है. हाल ही में चार विद्यार्थियों का चयन JPSC के माध्यम से Food Safety Officer के पद पर हुआ है.

इसके अलावा कई विद्यार्थी केंद्र सरकार की विभिन्न नौकरियों में कार्यरत हैं, जबकि कुछ विद्यार्थियों का चयन उत्तर प्रदेश सरकार के डिप्लोमा कॉलेजों में भी हुआ है.

पांच बैच हुए पास, अगले माह होगा दीक्षांत समारोह

कॉलेज के अब तक पांच बैच उत्तीर्ण हो चुके हैं. इनमें चार बैच के विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह के माध्यम से अंतिम डिग्री प्रदान की जा चुकी है.

वर्ष 2021-25 बैच के विद्यार्थियों के लिए अगले माह दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा. इससे कॉलेज के शैक्षणिक सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा.

डेयरी शिक्षा के साथ कौशल, रोजगार और उद्यमिता को जोड़कर हंसडीहा का यह महाविद्यालय क्षेत्र के युवाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोल रहा है.

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लेखक के बारे में

By अनिल कुमार चौधरी

वर्ष 2004 अप्रैल से दैनिक अखबार हिंदुस्तान से पत्रकारिता शुरू की. इसके बाद वर्ष 2013 के अक्टूबर माह से दैनिक अखबार प्रभात खबर में पत्रकारिता को लेकर योगदान किया. अपने थाना क्षेत्र से घटना, दुर्घटना, जन समस्याओं, प्रशासनिक कार्यक्रमों के अलावा अन्य विषयों से जुड़ी खबरों को प्रमुखता ईमानदारी से रखा. जिससे आम लोगों को लाभ मिल सके.

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