दुमका: राजधानी रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को आहूत झारखंड बंद का उपराजधानी दुमका में मिला-जुला असर देखने को मिला. सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आये और विभिन्न बाजारों में घूम-घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद करने की अपील की. कई स्थानों पर दुकानों को बंद कराया गया, जबकि शहर में वाहनों का आवागमन सामान्य बना रहा.
भाजपा कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस
भाजपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए टीन बाजार, मुख्य बाजार और बस स्टैंड पहुंचा. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रांची में आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ नारेबाजी की. बस स्टैंड पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने कुछ देर के लिए मुख्य गेट जाम कर दिया, जिससे बसों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. बाद में पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हुई.
“नौकरियां बेचना बंद करो” और “हेमंत सोरेन इस्तीफा दो” के लगे नारे
बाजार बंद कराने के बाद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन के नेतृत्व में कार्यकर्ता टीन बाजार चौक पर धरने पर बैठ गए. धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने “नौकरियां बेचना बंद करो” और “हेमंत सोरेन इस्तीफा दो” जैसे नारे लगाए. सुनील सोरेन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि सरकार पहले से बालू, पत्थर और कोयला जैसी राज्य की खनिज संपदाओं को गलत तरीके से बेचने का काम कर रही थी और अब युवाओं की नौकरियां भी बेची जा रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के युवा अपने अधिकार और रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय लाठीचार्ज कराया, जो लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. सुनील सोरेन ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था. यदि झारखंड सरकार में नैतिकता बची है तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस से भी हेमंत सरकार से समर्थन वापस लेने की मांग की.
नैतिक आधार पर CM दें इस्तीफा: जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश कुमार मंडल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है. रांची में छात्र-छात्राओं के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया है और उसके विरोध में दुमका बंद कराया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. शहर के कई प्रमुख बाजारों में बंद का असर देखा गया. पुलिस और प्रशासन की टीमें दिनभर विभिन्न चौक-चौराहों पर तैनात रहीं और स्थिति पर नजर बनाए रखी.
