प्रतिनिधि, बासुकिनाथ. कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर समाज में सुख-शांति, समृद्धि, आपसी भाईचारे और मंगलकामना को लेकर फुलधरिया समाज की ओर से बासुकिनाथ मंदिर में बाबा फौजदारीनाथ का भव्य श्रृंगार एवं पूजन किया गया. इस अवसर पर बाबा मंदिर, माता पार्वती मंदिर, काली मंदिर सहित पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों और आकर्षक पुष्पों से सजाया गया. फूलों और गुब्बारों से सजे मंदिर परिसर की भव्य छटा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही.
वर्षों पुरानी परंपरा के तहत हुआ सामूहिक श्रृंगार पूजन
फुलधरिया समाज की ओर से वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सामूहिक श्रृंगार पूजा का आयोजन किया गया. मंदिर पुजारी की अगुवाई में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न कराये गये.
सबसे पहले भगवान भोलेनाथ की षोडशोपचार विधि से विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद माता काली की पूजा एवं श्रृंगार, माता पार्वती की पूजा एवं श्रृंगार तथा दशमहाविद्या देवी का पूजन किया गया. विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के बाद बाबा फौजदारीनाथ का भव्य श्रृंगार किया गया.
पूजा में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ, माता पार्वती, माता काली समेत अन्य देवी-देवताओं के समक्ष माथा टेककर परिवार और समाज के सुखी एवं समृद्ध जीवन की कामना की. धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा. फुलधरिया समाज के सदस्यों के साथ बासुकिनाथ के ग्रामीणों ने भी पूजा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
सुख-शांति और आपसी भाईचारे के लिए की गयी सामूहिक प्रार्थना
समाज के सदस्यों ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा फौजदारीनाथ के श्रृंगार एवं सामूहिक पूजा की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है. पूजा के माध्यम से समाज के सभी लोगों के सुख-शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की जाती है. साथ ही समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकजुटता बनी रहे, इसके लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना की जाती है.
आयोजन को लेकर फुलधरिया समाज के लोगों में खासा उत्साह देखा गया. पूजा के सफल आयोजन में पप्पू राव, चंदन राव, मीठू राव, सुभाष राव, उमा राव सहित समाज के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता रही.
