प्रतिनिधि, बासुकिनाथ : भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि सोमवार को बासुकिनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. भादो मेला के बीच अहले सुबह से ही बड़ी संख्या में कांवरियों का जत्था बाबा फौजदारीनाथ के दर्शन और जलार्पण के लिए धाम पहुंचने लगा. मंदिर का पट खुलने के बाद पुरोहितों ने विधि-विधान से सरकारी पूजा संपन्न करायी. इसके बाद करीब चार बजे गर्भगृह में श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण शुरू हुआ, जो दिनभर जारी रहा. जलार्पण के दौरान मंदिर परिसर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा.
केसरिया रंग में रंगा पूरा धाम
जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तरवाहिणी गंगाजी से जल उठाकर बड़ी संख्या में कांवरिये बासुकिनाथ पहुंच रहे हैं. शिवगंगा में स्नान करने के बाद कांवरिये हाथों में गंगाजल लेकर बाबा मंदिर की ओर बढ़ते रहे. कांवरियों की भीड़ से पूरा धाम केसरिया रंग में सराबोर नजर आया. लाल, पीले और केसरिया वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं की भीड़ से मेला क्षेत्र भक्तिमय बना रहा.
संस्कार मंडप से शिवगंगा पीड़ तक पहुंची श्रद्धालुओं की कतार
मंदिर के कांवरिया रूट लाइन में श्रद्धालुओं की कतार लगातार बढ़ती गयी. कांवरियों की कतार संस्कार मंडप, फलाहारी धर्मशाला और क्यू कॉम्पलेक्स होते हुए शिवगंगा पीड़ तक पहुंच गयी. मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट और मेला क्षेत्र में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही.
मंदिर में तैनात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाले रखा. कतार को व्यवस्थित करते हुए श्रद्धालुओं को सुगम तरीके से गर्भगृह तक पहुंचाया गया.
दसमहाविद्या देवी की भी हुई पूजा
श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ के शिवलिंग पर गंगाजल, धतूरा, भांग, बेलपत्र, अक्षत, फूल, फल, शहद, दूध और दही अर्पित कर पूजा-अर्चना की. कई श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंडितों से षोडशोपचार विधि से पूजा करायी.
इसके साथ ही दसमहाविद्या देवी की भी श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की. भक्तों ने स्पर्श पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना की.
300 रुपये के शीघ्रदर्शनम से श्रद्धालुओं को मिली राहत
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुगम दर्शन के लिए शीघ्रदर्शनम की व्यवस्था भी बनी हुई है. श्रद्धालु 300 रुपये का टोकन लेकर निर्धारित व्यवस्था के तहत कम समय में बाबा फौजदारीनाथ का दर्शन कर रहे थे. इससे सामान्य कतार में लगने वाले समय की तुलना में श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली.
एकादशी पर पूजा का विशेष धार्मिक महत्व
मंदिर के पंडितों के अनुसार एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है. इस दिन व्रत एवं पूजा-अर्चना करने से मनोकामना पूर्ण होने की धार्मिक मान्यता है. भादो मेला को लेकर मंदिर एवं मेला क्षेत्र में अधिकारियों और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है.
दिनभर कांवरियों की आवाजाही और बोल बम तथा हर-हर महादेव के जयघोष से बासुकिनाथ धाम भक्तिरस में डूबा रहा.
