600 की आबादी चापानल पर है निर्भर, लगे स्टैंड पोस्ट

प्रभात खबर संवाद में गरडी बाउरी टोला के ग्रामीणों ने सुनायी परेशानी, कहा

बासुकिनाथ. नगर पंचायत बासुकिनाथ अंतर्गत गरडी स्थित बाउरी टोला के लोग आज भी शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं. प्रभात संवाद के दौरान ग्रामीणों ने टोला की परेशानी साझा कर पेयजल की समस्या का निदान करने की मांग नगर पंचायत प्रशासन से की है. यहां अधिकांश गरीब मजदूर परिवार निवास करते हैं, जिनका जीवन-यापन दैनिक मजदूरी पर निर्भर है. सभी ग्रामीण कनेक्शन लेकर पानी नहीं पी सकते, इसलिए उन्होंने नगर पंचायत से स्टैंड पोस्ट लगाने की मांग की है. ताकि सभी को शुद्ध पेयजल मिल सके. ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत ने उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया. आज भी गांव के लोग पेयजल सुविधा का इंतजार कर रहे हैं. क्षेत्र में न तो नाली निर्माण हुआ है और न ही नियमित सफाई होती है. सप्लाई जल की व्यवस्था न होने से ग्रामीण एकमात्र चापाकल पर निर्भर हैं. गांव में स्ट्रीट लाइट नहीं लगायी गयी है और पाइपलाइन भी सही ढंग से नहीं बिछायी गयी है.

पांच करोड़ खर्च हुए, कई वार्ड को पेयजल नसीब नहीं

करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलापूर्ति योजना का लाभ समुचित तरीके से ग्रामवासियों तक नहीं पहुंच पाया है. कई जगहों पर तो पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गयी. युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल सका है. नगर पंचायत को इस बात की चिंता नहीं है कि आम नागरिक शुद्ध पेयजल प्राप्त कर सकें. पांच करोड़ की जलापूर्ति योजना के बावजूद नगर क्षेत्र के कई वार्ड अब भी सुविधा से वंचित हैं. नाम भले ही नगर क्षेत्र का है, लेकिन सुविधाएं ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाई हैं. गरडी क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है. फॉगिंग मशीन से दवा का नियमित छिड़काव नहीं होने के कारण स्थिति और चिंताजनक हो गई है.

क्या कहते हैं बाउरी टोला के ग्रामीण

मुहल्ला में लोगों को सप्लाइ पानी नहीं मिलता. सिंचाई का अभाव है. पाइप भी सही तरीके से नहीं बिछाया गया है. चापानल से पानी पीने का लेते हैं. स्टैंड पोस्ट की जरूरत है. गरीब लोग रहते हैं. कनेक्शन लेकर पानी नहीं पी सकते. नगर पंचायत ध्यान दे.निमाय बाउरी, पूर्व वार्ड पार्षद

किसानों को सिंचाई की सुविधाएं नहीं मिल रही है. क्षेत्र में नाली की नियमित सफाई की जरूरत है. जहां नाला बना हुआ है, वहां नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है, मच्छर का प्रकोप बढ़ रहा है. वार्डों नियमित फोगिंग कराने की जरूरत है.प्रमोद बाउरीसभी को सप्लाइ पानी नहीं मिलता है. गांव में पीने के पानी का अभाव है. सप्लाई जल हेतु सार्वजनिक भेंट की व्यवस्था होनी चाहिए. यहां सभी जगह पर पाइपलाइन भी नहीं बिछायी गयी है. करीब छह सौ लोगों की आबादी चापानल पर निर्भर है. समस्या दूर हो.

ददन शीलगरडी में पानी का बहुत दिक्कत है. चापानल से पानी लेते हैं. वह भी खराब है. कई चापानल में तो पाइप ही नहीं है. शुद्ध पेयजल का बहुत दिक्कत होता है. सभी जगह नाला नहीं है. मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है. सप्लाय पानी गांव में किसी को नहीं मिलता है.

रमेश यादवक्षेत्र में सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत है. सभी मुहल्लों में नाला निर्माण कराने की जरूरत है. पाइपलाइन बिछा कर सप्लाइ जल सभी लोगों को मिले इस तरह का प्रयास होना चाहिए. गर्मी के दिन में चापानल सूखजाता है. जल्द ही पेयजल की व्यवस्था हो.सुरेश मंडलनियमित कूड़ा-कचड़ा की सफाई नहीं होने के कारण यत्र-तत्र पसरा रहता है, सरकार द्वारा घोषित योजनाओं का लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है. मुहल्ला में सप्लाय पानी के लिए पाइप लाइन भी नहीं बिछायी गयी है. चापानल से पानी लेकर पीते हैं.

परमेश्वर दासगांव टोला में पेयजल का तो दिक्कत होता ही है, साफ सफाई करने के लिए कोई सऊपई कर्मी यहां नहीं पहुंचता है, नाला की भी सफाई नहीं होती है, कोई सुनने वाला नहीं है, चापानल भी खराब रहता है. मुहल्ले के लोग चापानल के पानी पर ही निर्भर रहता है.किस्तू बाउरीटोला में स्टैंड पोस्ट बन जाये तो सभी को शुद्ध पानी मिलता, पाइपलाइन का भी बिछाने का काम सही तरीके से नहीं हुआ है. गांव टोला में साफ-सफाई का घोर अभाव है. गंदगी के कारण क्षेत्र में मच्छर का भी प्रकोप बढ़ गया है. फॉगिंग नियमित होनी चाहिए.

सीताराम मरांडी

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Published by: Rakesh kumar

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