बिजली विभाग की कार्यशैली लचर, ग्रामीणों ने तार बदलने की लगायी थी गुहार, नहीं हुई पहल
दुमका कोर्ट : बिजली विभाग की कार्यशैली सुधर नहीं रही है. जर्जर तार को बदलने या उन्हें दुरुस्त करने में कोई सक्रियता नहीं दिखायी जाती. यही वजह है कि आये दिन हादसे होते रहते हैं. शनिवार को मसानजोर थाना क्षेत्र के बालजोरी गांव में करंट की चपेट में आने से दो बच्चे घायल हो गये.
इनमें मो हफीजुद्दीज का सात वर्षीय पुत्र जमाल अंसारी एवं मो हारून की आठ वर्षीय पुत्री सोनिया खातून शामिल हैं. हफीजुद्दीन के मुताबिक दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ घर से कुछ दूरी पर खेल रहे थे. इतने में अचानक पोल से तार टूट कर गिर गया. करंट रहने की वजह से दोनों बच्चे इसकी चपेट में आ गये. अन्य बच्चे अगल-बगल रहने की वजह से बच गये. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया और इलाज के लिए भर्ती कराया गया. जहां दोनों का इलाज चल रहा है.
तार को दुरुस्त कराने की लगायी थी गुहार
हफीजुद्दीन ने बताया कि तार बेहद जर्जर अवस्था में हैं. जिन्हें दुरुस्त करने और बदलने के लिए विद्युत विभाग को आवेदन देकर गुहार भी लगायी गयी थी. लेकिन विभाग निष्क्रिय रहा. जिससे यह दुर्घटना हुई. शुक्र था कि बच्चे एक साथ खेल भले रहे थे, पर उस वक्त झुंड में नहीं थे.
पहले भी हुई जान-माल की क्षति
हाल के महीने में बिजली के तार टूट कर गिरने या स्पर्शाघात से नौ लोगों की मौत हो चुकी है, एक दिल पहले ही मसलिया के कुसुमघाटा में खेत में पोल से टूट कर तार गिर गया था, जिसके बैल की मौत हो गयी थी, पर सूझबूझ से खेत में काम कर रहे किसान-मजदूर बच निकले थे. उसी प्रखंड में एक बरात गाड़ी में तार गिरने से एक साथ पांच लोगों ने जान गंवा दी थी.
