हाल हाट गम्हरिया में तीन करोड़ की लागत से बने पीएचसी का
रामगढ़ : रामगढ़ प्रखंड के हाट गम्हरिया में छह साल पूर्व लगभग तीन करोड़ की लागत से बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल बदहाल है. इस स्वास्थ्य केंद्र में न रूई ना सुई है. स्वास्थ्य केंद्र में शकुंतला कुमारी, रंजना कुमारी, यूतिका संगमा, बिटीयम किस्कू एवं शर्मिला टुडू कुल पांच एएनएम कार्यरत हैं. इसके अलावे दो अन्य कर्मी विजयकांत तथा ब्यूटी मुरमू तथा सफाई कर्मी सुलोचना देवी कार्यरत हैं. शनिवार को शकुंतला कुमारी ब्यूटी को छोड़ सभी नदारद थे. शंकुतला के अनुसार यहां दो डाॅक्टर, दो तकनीशियन का पद रिक्त है, लेकिन डाॅक्टर के नहीं रहने से हमलोग मरीज को सिर दर्द, बुखार, सरदी-खांसी आदि का टेबलेट ही दे पाते हैं. अस्पताल में शौचालय का दरवाजा सड़ चुका है.
अस्पताल के बाहर जंगल-झाड़ उग आये हैं. पास के टीलाटांड़ गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ब्रेन मलेरिया से हो गयी थी.पास में एक प्राइवेट क्लीनिक भी खुल चुका है. चरचा है कि लाखों रुपये के संसाधन केंद्र से गायब है. केंद्र में दवा की सूची नहीं दर्शायी गयी है. चिकित्सा प्रभारी संजय मिश्र ने बताया कि डाॅक्टर तथा तकनीशियन के लिए जिला को पत्र लिखा गया है. लेकिन अभी तक उसमें अमल नहीं हो पाया है. अगर इस केंद्र को दुरुस्त कर दिया जाये, तो कांजो, मधुबन, हाट गम्हरिया, इटबंध, बगबीधा, पिंडारी, सिमरा, लीलातरी, टीलाटोड, रोलडीह , पतसर, चितबैसरा समेत दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को सुविधा मिल पायेगी.
