सात वर्ष पुराने मामले में चतुर्थ सेशन जज ने सुनाया फैसला
दुमका कोर्ट : चतुर्थ अपर जिला व सत्र न्यायाधीश एसएन मिश्रा की अदालत ने पोखरिया रामगढ़ के महालाल टुडू को अपहरण के सात साल पुराने मामले में सात साल सजा सुनायी है. वहीं उन्हें भादवि की दफा 364 के तहत पांच हजार जुर्माना व दफा 323 में छह महीने की सजा सुनायी है. सभी सजा साथ-साथ चलेगी. सलोनी हेंब्रम ने अपने पति के अपहरण के मामले में महालाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. वह अपने पति के साथ रिश्तेदार के घर शादी में 30 मार्च 2011 को केनखपड़ा रामगढ़ गयी थी. दूसरे दिन 31 मार्च 2011 को शाम पति के साथ वापस लौट रही थी.
इस क्रम में मयूरनाच मोड से आगे पुल के पास पहुंचने पर महालाल अपने दोस्तों के साथ आ गया. उन दोनों को पकड़ कर मारपीट करने लगा. महालाल ने उसकी साइकिल व 20 भर चांदी का चेन व पायल ले लिया. पति को भी जान मारने की नीयत से जंगल पहाड़ की ओर लेकर चले गये. बाद में उसका पति किसी तरह मुक्त हुआ. 11 गवाहों की गवाही हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से सुरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने, जबकि बचाव पक्ष की ओर से सचिदानंद गुप्ता ने मुकदमे की पैरवी की.
