शिशु रोग विशेषज्ञ सुदीप केशव मिश्रा की सलाह
दुमका नगर : मौसम के बदलने के साथ-साथ बच्चों में होनेवाली बीमारियों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाती है. सर्दी के मौसम के बाद गर्मी ने दस्तक दी है. बदलाव के कारण कई मौसमी बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है. मौसमी बीमारी से अपने बच्चों के बचाव के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ सुदीप केशव मिश्रा ने कई जानकारी दी. डॉ मिश्रा ने बताया कि नवजात से 12 वर्ष के बच्चों तक बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. सबसे अधिक सर्दी-जुकाम व डायरिया के संक्रमण का खतरा रहता है. फरवरी से मार्च माह तक बच्चों पर विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है. इसलिए खासकर नवजात बच्चों को गर्म कपड़ों से ढंक कर रखना चाहिए.
ताकि किसी भी स्थिति में बच्चे को ठंड ने लगे. हमेशा ध्यान देना चाहिए कि बच्चों में किसी प्रकार का परिवर्तन होता है या नहीं. अगर नवजात शिशु दूध पीना छोड़ दे, नींद में कमी आये या तेज बुखार हो तो घरेलू इलाज न कर चिकित्सक की सलाह लें. बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाये ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. बच्चों को ठंडी चीजे से दूर रखे. जैसे कि आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, दही, केला आदि के सेवन से बच्चों को दूर रखे. घर में अगर कोई सर्दी-जुकाम व बुखार से ग्रसित मरीज हो तो ठीक होने तक बच्चों को दूर रखना चाहिए ताकि संक्रमण से बचाया जा सके.
