सीएम का आह्वान. शिक्षा से ही बदल सकती है समाज की तकदीर, बेटा व बेटी में फर्क न समझें
उत्क्रमित मध्य विद्यालय बालीजोर का लिया जायजा
दुमका : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बालीजोर में ग्रामीणों को संबोधित करते कहा कि नया झारखंड बनाने के लिए सभी को आगे आना होगा. वर्ष 2022 तक नये झारखंड बनाने के लिए सभी संकल्प लें. समय के साथ समाज की सोच को भी बदलें, तभी समाज आगे बढ़ सकता है. शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते उन्होंने कहा कि गरीबी को दूर करने का एकमात्र औजार शिक्षा है, शिक्षा से ही गरीबी को दूर किया जा सकता है. सभी लोग अपने घर के बच्चों को शिक्षित करें. गरीबी उनकी शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी. इसके लिए सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है. बेटा और बेटी में कोई फर्क ना करें, बेटी को भी जरूर स्कूल भेजें.
सीएम ने की डीसी मुकेश कुमार की प्रशंसा : सीएम रघुवर दास ने बालीजोर में आयोजित प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत के शुभारंभ के दौरान दुमका के डीसी मुकेश कुमार की तारीफ करते कहा कि उन्होंने जिस प्रकार बालीजोर गांव को गोद लेकर वहां के विकास का कार्य किया है. वह अनुकरणीय है. दूसरे पदाधिकारियों व जिले के उपायुक्तों से ऐसी पहल करने का उन्होंने आह्वान किया. कहा कि गांव के विकास से राज्य और देश का विकास सुनिश्चित है. सरकार ने लगभग 1000 गांव को आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसी तरह से विकास का कार्य अगर हो तो वह दिन दूर नहीं जब झारखंड के सभी गांव में विकास की बयार बहेगी. उन्होंने कहा कि उपायुक्त ने बहुत कम ही समय में गांव की तसवीर बदल दी है. गांव के आंगनबाड़ी केंद्र या फिर बच्चों के खेलने के लिए पार्क यह सभी न्यू झारखंड के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे उन्होंने कहा कि जिस तरह से बालीजोर की महिलाओं को सशक्त व स्वावलंबी बनाने के लिए बाली फुटवेयर का कार्य शुरू किया गया है. इससे नि:संदेह महिलाएं सशक्त और स्वावलंबी बनेंगी साथ ही पुरुषों से कदम से कदम मिलाकर चलेंगी.
तीन वर्ष में झारखंड के विकास कार्य की पूरे देश में चर्चा : डॉ लोइस
समाज कल्याण मंत्री डॉ लोइस मरांडी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार द्वारा किये गये कार्य की न सिर्फ झारखंड बल्कि पूरे देश में चर्चा हो रही है. बल्कि आज झारखंड विकास की एक नयी ऊंचाई तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है. झारखंड की महिलाओं को सशक्त तथा स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार द्वारा ने विभिन्न योजनाएं चलायी जा रही है. इसके माध्यम से झारखंड की महिला अब अपने दम पर खड़े होने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि जोहार तथा तेजस्विनी योजना के माध्यम से सरकार आदिवासी महिलाओं को कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर रोजगार के एक नये अवसर प्रदान करना चाहती है. उज्ज्वला योजना के तहत सरकार ने गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा वितरित कर महिलाओं को सम्मान के साथ जीना सिखाया है. शौचालय निर्माण हो या फिर सरकार की विभिन्न योजनाएं सभी ने यहां के लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का कार्य किया है.
बच्चों की आंखों में चमक, भविष्य उज्ज्वल
