28 लाख महिलाओं तक पहुंचेगा उज्ज्वला योजना का लाभ

दुमका. बालीजोर में लगी राज्य की पहली प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत, बोले मुख्यमंत्री दुमका : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को दुमका में कहा कि राज्य में अब तक 10 लाख परिवारों तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ पहुंचाया जा चुका है. राज्य का लक्ष्य 28 लाख महिलाओं के रसोइघर तक उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी […]

दुमका. बालीजोर में लगी राज्य की पहली प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत, बोले मुख्यमंत्री

दुमका : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को दुमका में कहा कि राज्य में अब तक 10 लाख परिवारों तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ पहुंचाया जा चुका है. राज्य का लक्ष्य 28 लाख महिलाओं के रसोइघर तक उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी का कनेक्शन पहुंचाना है. मार्च तक और आठ लाख महिलाएं इससे लाभान्वित होंगी, जबकि दीपावली तक लक्ष्य को पूरा कर लिया जायेगा. मुख्यमंत्री ने उक्त बातें शिकारीपाड़ा प्रखंड के मुड़ायाम पंचायत के बालीजोर गांव में आयोजित राज्य के पहले प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत में कही. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा : झारखंड पहला राज्य है,
जहां सरकार उज्ज्वला योजना के तहत अपने स्तर से चूल्हा और पहली री-फिलिंग तक उपलब्ध करा रही है. एलपीजी के उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़े, इसके लिए खुद भी लोगों को जागरूक होना होगा. इससे घर स्वच्छ रहेगा और स्वास्थ्य पर भी कुप्रभाव नहीं पड़ेगा. सीएम के समक्ष गांव की दो महिलाएं रीता हेंब्रम व एलिजाबेथ हांसदा ने एलपीजी के उपयोग से जीवन में आये बदलाव को रखा.
डीसी के गांव गोद की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने दुमका डीसी मुकेश कुमार द्वारा गांव को गोद लेने के बाद दो महीने में लाये गये बदलाव की प्रशंसा की. कहा कि गांव के विकास के लिए लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी. उन्होंने एलपीजी पंचायत में भाग लेने के बाद पूरे गांव का भ्रमण किया. आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल की स्थिति देखी. यहां नवनिर्मित चिल्ड्रेन पार्क एवं गांव की एक सड़क का उद्घाटन किया.
28 लाख महिलाओं को…
आजीविका के तहत गांव की महिलाओं द्वारा चप्पल निर्माण के कुटीर उद्योग का जायजा लिया. उन्होंने चप्पल भी खरीदी. महिलाओं ने चप्पल का जो ब्रांडनेम बालीवियर दिया है, वह गांव के नाम से जोड़कर बनाया गया है.
हर पंचायत में बनेंगे दो फुटबाॅल ग्राउंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक पंचायत में दो-दो फुटबाल के मैदान बनाये जायेंगे. गांव-गांव में खेल प्रतिभाएं विकसित की जायेंगी. झारखंड की फुटबाॅल टीम भी बनेगी. खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की भी पहल होगी.
संताल परगना के पिछले इलाकों पर सरकार का फोकस : खरे
विकास आयुक्त अमित खरे ने कहा कि सरकार का फोकस संताल परगना के इन पिछड़े इलाकों में है, इसलिए पूरी सरकार यहां समय-समय पर पहुंच रही है. ऐसे जिलों के लिए सरकार ने इस बार के बजट में पचास-पचास करोड़ रुपये के विशेष पैकेज का भी प्रावधान किया है. कार्यक्रम को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने भी संबोधित किया. मौके पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील वर्णवाल, आइटी सचिव सत्येंद्र सिंह, कृषि विभाग की सचिव पूजा सिंघल एवं समाज कल्याण विभाग के सचिव विनय चौबे, आयुक्त डॉ प्रदीप कुमार, जिप अध्यक्ष जॉयस बेसरा, उपाध्यक्ष असीम मंडल आदि मौजूद थे. अतिथियों का स्वागत उपायुक्त मुकेश कुमार ने किया.
2018 का बजट गांव-गरीबों के हाथ में होगा सुपुर्द
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल में सीधा संवाद भी किया. बताया कि इस वर्ष का बजट गांव-गरीबों के हाथों में सुपुर्द होगा. आदिवासी बहुल गांवों में आदिवासी विकास समिति और जहां मिली जुली आबादी होगी, वहां ग्राम विकास समिति गठित होगी. गांव के ही लोग इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष होंगे. बड़े गांव में 11 सदस्यीय और छोटे गांव में 7 सदस्यीय समिति गठित होगी. गांव के ही लोग तय करेंगे कि कहां तालाब बनाये जायेंगे, कहां कुआं, नहर, रोड.
सरकार इन समितियों के बीच सीधे फंड उपलब्ध करायेगी. पेयजल, सिंचाई की चिंता भी गांव ही करेगा. 2022 तक कोई गरीब बेघर और अशिक्षित नहीं रहेगा. सीएम ने कहा कि यह बालीजोर गांव भी अगर पूर्ण नशामुक्त गांव हो गया है, तो डीसी की अनुशंसा के बाद एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है, लेकिन होम डिलिवरी हो जा रही है. शराबबंदी से ज्यादा इसके खिलाफ जागरुकता जरूरी है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शराब बनाने-बेचने पर पांच हजार का जुर्माना रखा गया है.

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