दुमका कोर्ट : चतुर्थ जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएन मिश्रा की अदालत ने सत्रवाद 131/12 मसलिया में कालीपाथर के मोहन बास्की को रिहा कर दिया. मामले में सुनील सोरेन ने अपनी बहन की हत्या के मामले में अपने जीजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी. उसके मुताबिक उसकी बहन व बहनोई 16 जून 2012 को घर आये और यह खाना पीना खाकर सो गये. अगले दिन सुबह बहन व बहनोई मोहन बास्की पीने खाने के लिए कही चला गया. वह भी ससुराल पूजा करने चला गया.
जब वापस शाम को लौटा तो दोनों नहीं थे. अगली सुबह जानकारी मिली की नुनबिल नदी के पास बहन की लाश पड़ी है. बहनोई मोहन बास्की का कोई पता नहीं लगा. जिससे उस पर शक हुआ कि उसी ने ही कहीं उसकी बहन की हत्या की है. इसमे कुल सात गवाहों की गवाही हुईं.किंतु अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप को सिद्ध नही किया जा सका. जिस कारण न्यायालय ने संदेह का लाभ देकर अभियुक्त को रिहा कर दिया.
