कार्य के प्रति लापरवाही व अभद्र व्यवहार का आरोप
दुमका : सदर अस्पताल के स्त्री व प्रसूती रोग विशेषज्ञ डॉ संतोष कुमार साह की कार्यशैली को लेकर बार-बार मिल रही शिकायत, कार्य के प्रति लापरवाही व कर्तव्यहीनता जैसे आरोपों को लेकर सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ जगत भूषण प्रसाद ने स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव को एक पत्र भेजा है. डॉ साह सदर अस्पताल दुमका में विवादों में रहे हैं. 13 अप्रैल 2017 को भी तत्कालीन सिविल सर्जन द्वारा भी डॉ साह से स्पष्टीकरण पूछा गया था.
मामले में विभाग ने अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी थी. यह मामला समाप्त भी नहीं हुआ था कि 4 अगस्त 2017 एवं 12 सितंबर 2017 को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ दिलीप केशरी ने उनके कार्य के प्रति लापरवाही, कर्तव्यहीनता एवं अभद्र व्यवहार करने से संबंधित पत्राचार किया था. मामले में मांगे गये स्पष्टीकरण का जवाब भी संतोषप्रद नहीं पाया गया. इसके बाद सिविल सर्जन ने विभाग को प्रतिवेदित किया है कि डॉ संतोष कुमार साह की कार्यशैली में अब तक कोई सुधार नहीं आया है.
सिजेरियन के लिए कहते थे क्लिनिक में आओ : डॉ संतोष कुमार साह के खिलाफ 13 अप्रैल 2017 को सदर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती गंगा देवी के पति जगन्नाथ मांझी ने शिकायत की थी कि उन्होंने सिजेरियन प्रसव कराने को लेकर अपने प्राइवेट क्लिनिक में आने के लिए प्रेरित किया था. मामले की जांच खुद तत्कालीन सिविल सर्जन ने की थी.
उस वक्त वहां उन्हें बुलाया गया था, तब वे एक स्टाफ नर्स से उलझ गये थे. सिविल सर्जन से भी अभद्र व्यवहार किया था. शिकायतकर्ता को भी धमकी दी थी और 15-20 मिनट तक अस्पताल में हंगामा किया था. भय वश प्रसव पीड़ा में ही मरीज को लेकर परिजन बिना प्रसव कराये ही अस्पताल छोड़ कर चले गये थे.
