दुमका : दमकता दुमका-डैजलिंग दुमका व स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ा रहा है. समाहरणालय में संचालित आरइओ का दफ्तर. इस दफ्तर में अलमीरे के बीच में जगह-जगह पान की पीक थूके हुए हैं, जो समाहरणालय के फर्श पर लगी विट्रिफाइड टाइल्स पर परत के रूप में जम चुकी हैं.
कबाड़ के रूप में पुराने अनुपयोगी जर्जर अलमीरा, टाइपिंग मशीन, टूटी-फूटी कुर्सियां ढेर बनी हुई हैं. संचिकाएं इधर-उधर अंबार लगी हुई हैं.
अलमीरे बेतरतीब रखे हुए हैं. सोमवार को समाहरणालय के सी ब्लॉक में संचालित इस विभाग के दफ्तर में डीसी मुकेश कुमार औचक निरीक्षण को पहुंचे, तो वे भी दंग रह गये. जिस आइएसओ सर्टिफाइड समाहरणालय का प्रमाण पत्र उन्होंने चंद दिन पहले प्राप्त किया था, उस भवन के एक हिस्से की स्थिति देख वे बिफर पड़े.
उन्होंने अविलंब साफ-सफाई सुनिश्चित कराने को तो कहा ही, फटकार भी लगायी. कहा कि कार्यालय में स्वच्छता का वातावरण बनाया जाये एवं उपयोग में न आने वाले सामग्रियों को व्यवस्थित रखा जाये. सभी कार्यालय के कर्मी समय पर अपने कार्यालय में उपस्थित रहे. इसका ध्यान रखा जाये. उन्होंने कहा कि दुमका का समाहरणालय झारखंड का दूसरा आइएसओ प्रमाणित समाहरणालय है.
इसका ध्यान हर हाल में रखा जाना चाहिए. निरीक्षण के दौरान समाज कल्याण विभाग,आरइओ, विशेष प्रमंडल के अनुपस्थित पाये गये कर्मियों के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश भी उन्होंने दिया और कहा कि बिना सूचना के कोई भी कर्मी अनुपस्थित पाये गये तो उन पर कार्रवाई की जायेगी. उपायुक्त ने पाया कि कुछ पदाधिकारी भी कार्यालय में नहीं थे. उनसे भी स्पष्टीकरण पूछने को कहा. इस दौरान उनके द्वारा उन प्रधान लिपिक की भी एक दिन की हाज़िरी काटी गयी, जिनके कार्यालय में कर्मी उपस्थित नहीं थे एवं उनके द्वारा अनुपस्थिति दर्ज नहीं की गयी थी. उपायुक्त ने 72 घंटे के अंदर सभी उपयोग में न आने वाले सामग्री को हटाने का निर्देश दिया. समाहरणालय की तरह दीदी कैफे परिसदन व सभी ब्लॉक में भी खोले जाने की बात कही.
साफ-सफाई कार्य संस्कृति का हिस्सा है. यह अंतिम चेतावनी दी गयी है. आगे कर्मी पर नहीं, संबंधित कार्यालय के जवाबदेह पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी. समाहरणालय स्वच्छ रहे, इसके लिए हर संभव उपाय किया जा रहा है. कोई थूक फेंकता-कचरा फेंकता पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति से दंड वसूला जायेगा. अधिकारी-कर्मी ऐसा करेंगे, तो उनके वेतन काटे जायेंगे. इसके लिए कोषागार को भी आदेश दिया जा रहा है.
-मुकेश कुमार, उपायुक्त
