जिला प्रशासन की जांच टीम ने सौंपी रिपोर्ट
दुमका : एसपी महिला काॅलेज की छात्रा को निर्वस्त्र कर प्रताड़ित करने के मामले से अवगत रहने के बावजूद किसी तरह के कदम न उठाये जाने पर वार्डन अंजु मुर्मू व दोनों छात्रावासों की प्रीफैक्ट दोषी पायी गयीं हैं. जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों को घटना की जानकारी आरंभिक दौर से थी और पूरी घटना से वे अवगत थी. न तो छात्रावास के सामने रहने वाली वार्डन ने और न ही दोनों में से किसी प्रीफैक्ट ने प्राचार्या और पुलिस को मामले से सूचित कराया.
घटना की जानकारी कुछ शिक्षकों को भी थी. पर वे भी खामोश ही रह गये थे. छात्रा को मोबाइल चोरी के आरोप में बस स्टैंड के पास से पकड़ कर हॉस्टल लाये जाने, उसके साथ मारपीट करने, बंधक बनाने की इस घटनाक्रम के बाद प्रीफैक्ट ने एसपी कॉलेज के करीब 15 छात्रों को हाॅस्टल में बुलाया था. जांच समिति की प्रमुख अपर समाहर्ता इंदु गुप्ता ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कर ली गयी है. मामले में चार छात्राएं व छात्रा की तस्वीर वायरल करने में संलिप्त दो युवकों को जेल भेजा गया है.
महिला थाना से कार्रवाई में देरी : जांच में यह भी बात सामने आयी है कि महिला थाना प्रभारी पूनम टोप्पो को घटना की सूचना जब मिली तो उन्होंने कार्रवाई में देरी की. वह महिला कॉलेज गयीं भी थी, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई कार्रवाई नहीं की तथा प्राथमिकी दर्ज करने में भी विलंब किया.
एक अगस्त को ही लाया गया था हॉस्टल : अपर समाहर्ता ने बताया कि पीड़ित छात्रा को मोबाइल व रुपये चोरी के आरोप में पहली अगस्त की सुबह बस स्टैंड से पकड़कर हाॅस्टल लाया गया था.
वॉडर्न व छात्र नायिकाएं…
दोनों प्रीफैक्ट ही उसे लेकर आयी थी. देर शाम प्रभारी वार्डन अंजु मुर्मू को जब इसकी जानकारी लगी तो वे भी हाॅस्टल गयी थी. उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक को भी इसकी जानकारी दी गयी थी. पूर्व प्राचार्या डाॅ रेणुकानाथ को मोबाइल पर जानकरी देने का प्रयास किया गया था, लेकिन बात नहीं हो सकी थी. वार्डन ने दूसरे दिन भी इस बात को छुपाये रखा था. उन्होंने दूसरे दिन भी न तो प्राचार्या और न ही पुलिस को जानकारी दी. दो अगस्त की सुबह छात्रा के साथ अमानवीय सलूक हुआ था.
वार्डन चाहती तो नहीं होती ऐसी घटना
अपर समाहर्ता ने कहा कि अगर वार्डन चाहती तो यह घटना नहीं होती. वह छात्रा को अपने साथ ले जा सकती थीं, परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया था. बल्कि जब हॉस्टल में एसपी काॅलेज के 15 छात्रों को बुलाया गया, तब भी वे इस पर गंभीर नहीं हुई. छात्रों ने छात्रा पर जुर्माना भी लगाया था. उन्होंने कहा कि जांच समिति ने पाया है कि इस पूरे प्रकरण में वार्डन अंजु मुर्मू और प्रीफैक्ट पूरी तरह से दोषी है. अपर समाहर्ता ने बताया कि राज्य महिला आयोग भी अपने स्तर से मामले की जांच कर चुकी है. आयोग की अनुशंसा पर इस तरह के मामले में समाज कल्याण विभाग की ओर से सरकारी सहायता देने का प्रावधान है. पीड़ित छात्रा को इसके तहत आर्थिक रूप से मदद दिलाने का प्रयास किया जायेगा.
एसपी काॅलेज की छात्रा का न्यूड फोटो वायरल मामला
कई स्तर पर बरती गयी लापरवाही
महिला थाना प्रभारी की भी लापरवाही आयी सामने, घटना की जानकारी मिलने पर कार्रवाई में की देरी
कुछ प्रोफेसर भी शक के दायरे में, घटना के बाद बुलावे पर आये थे एसपी काॅलेज के 15 छात्र
