नवल विहान के वार्षिकोत्सव में धनबाद में जुटे देश भर के रचनाकार

नवल विहान साहित्य कला-सांस्कृतिक मंच का तृतीय वार्षिकोत्सव धनबाद में धूमधाम से संपन्न हुआ. इस आयोजन में देश भर के 30 से अधिक साहित्यकारों और कलाकारों ने भाग लिया. समारोह में 7 नई पुस्तकों का विमोचन और 31 शिक्षकों का सम्मान भी किया गया.

धनबाद. नवल विहान साहित्य कला-सांस्कृतिक मंच का तृतीय वार्षिकोत्सव साहित्य, कला और संस्कृति के विविध रंगों के साथ संपन्न हुआ. एक स्थानीय होटल के सभागार में आयोजित समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे करीब 30 रचनाकारों के साथ स्थानीय 30 साहित्यकारों और कलाकारों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्घाटन रांची विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ माया प्रसाद, डॉ सीबी मेहता समेत अन्य अतिथियों ने किया. समारोह की शुरुआत शिवाप्रिया की गणेश वंदना पर आधारित नृत्य प्रस्तुति से हुई, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा.

साहित्य और संस्कृति को साथ लेकर चलने पर जोर

मुख्य अतिथि डॉ माया प्रसाद ने कहा कि नवल विहान साहित्य और संस्कृति को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन रचनाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में रचनात्मक संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.

समारोह में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आये रचनाकारों और स्थानीय साहित्यकारों के बीच विचारों और रचनाओं का आदान-प्रदान भी हुआ. इससे कार्यक्रम को व्यापक साहित्यिक स्वरूप मिला.

सात सत्रों में प्रस्तुत हुईं विविध रचनाएं

साहित्य समागम सात सत्रों में आयोजित किया गया. विभिन्न सत्रों में कवि गोपी जी मिश्र, दिनेश चंद्र गुप्ता रविकर, आशा पुष्प, चितरंजन भारती, मो महताब नार्वी, नवीन चंद्र सिंह, मनोहर पटेल, जया कुमार समेत अन्य रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं.

डॉ संगीता नाथ की गजल और अंशुल नरूला की प्रस्तुति को श्रोताओं की सराहना मिली. हास्य रचनाकार सुनील वर्मा की प्रस्तुति के दौरान सभागार में ठहाके गूंजते रहे. कार्यक्रम में साहित्यिक प्रस्तुतियों के साथ गीत और नृत्य ने भी समागम को विविधतापूर्ण बनाया.

सात पुस्तकों का हुआ विमोचन

पुस्तक का विमोचन करते अतिथिगण

वार्षिकोत्सव के दौरान सात पुस्तकों का विमोचन किया गया. साहित्य प्रतियोगिता में निर्णायकों द्वारा चयनित रचनाकारों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. इससे रचनाकारों को प्रोत्साहन मिला और साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने की संस्था की पहल सामने आयी.

शिक्षाविद् डॉ आरएन चौबे ने समारोह में 31 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया. वहीं सैलेट कार्बे ने ‘मोरनी बांगा में बोले’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक कार्यक्रम में रंग भरा.

संस्था की गतिविधियों की दी गयी जानकारी

मंच के अध्यक्ष बरनवाल मनोज अंजान ने संस्था की ओर से संचालित साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने मंच के उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला. सचिव डॉ मुकुंद रविदास और राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ अरविंदर कौर समेत कई साहित्यकार, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता समारोह में मौजूद रहे.

कार्यक्रम का संचालन कविता शर्मा और पूर्णिमा सुमन ने किया. आयोजन में साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़े प्रतिभागियों की मौजूदगी ने वार्षिकोत्सव को देशभर के रचनात्मक समागम का स्वरूप दिया.

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By Satya raj

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