Dhanbad News: राजकीय पॉलिटेक्निक निरसा में माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रविवार को राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों के मध्य क्रिटिकल मिनरल्स की खोज, खनन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से संबंधित नवीनतम ज्ञान एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करना था. उद्घाटन भाषण में संस्थान के प्राचार्य डॉ गणेश प्रसाद ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता तथा हरित प्रौद्योगिकी के विकास में क्रिटिकल मिनरल्स की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने विद्यार्थियों को क्रिटिकल मिनरल मिशन से जुड़कर अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित किया. मुख्य विशेषज्ञ डॉ राजेश सोलोमन पॉल ने सूडान में सल्फाइड आधारित क्रिटिकल मिनरलाइजेशन एवं वैश्विक खनिज अन्वेषण की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर व्याख्यान किया. विशिष्ट वक्ता डॉ भूपेंद्र मिश्रा, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, माइनिंग इंजीनियरिंग, एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण एवं खनन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम को डॉ सहेंद्र सिंह, डॉ सुरेश प्रसाद यादव ने भी संबोधित किया. इस आयोजन में माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक अभय साधु व नरेश हेंब्रम का अहम योगदान रहा. इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा एनसीएमएम 2025 से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किये. उत्कृष्ट प्रदर्शन पर कई छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र निर्गत किया गया.
Dhanbad News: ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता व हरित प्रौद्योगिकी के विकास में क्रिटिकल मिनरल्स की अहम भूमिका

Dhanbad News: ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता व हरित प्रौद्योगिकी के विकास में क्रिटिकल मिनरल्स की अहम भूमिका
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Dhanbad News: निरसा पॉलिटेक्निक में क्रिटिकल मिनरल मिशन पर कार्यशाला