Dhanbad: बीसीसीएल पर पूरे गांव की बिजली काटने का आरोप, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

Dhanbad: धनबाद के बरोरा गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद ग्रामीणों ने बीसीसीएल पर पूरे गांव की बिजली काटने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है और उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

बरोरा से प्रहलाद बरनवाल
Dhanbad: धनबाद जिले के बरोरा थाना अंतर्गत बरोरा पंचायत के मंडल केंदुआडीह के ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बीसीसीएल प्रबंधन पर गांव का बिजली काटने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों ने बताया कि बीसीसीएल बरोरा एरिया के एएमपी कोलियरी प्रबंधन द्वारा नियोजन मुआवजा दिये बिना जबरन घरों को खाली करने का दबाव डाला जा रहा है. इसका विरोध करने पर गांव का बिजली काट दिया गया. लगभग एक सप्ताह से गांव में अंधेरा पसरा हुआ है. बच्चे, महिला और बुजुर्ग इस भीषण गर्मी में परेशानी का सामना कर रहे हैं.

चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

सभी ग्रामीण प्रबंधन के खिलाफ काफी आक्रोशित हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को भयभीत करने के लिए बिजली उपयोग का बसूली के लिए नोटिस जारी किया गया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन से गांव में बिजली बहाल करने और नियोजन मुआवजा के साथ विस्थापन कराने की मांग की है. अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी गई है. मौके पर एच एन प्रसाद गांधी, बाबू गोप, डोली चौहान, मधु दास, बलराम रविदास, बीरू चौधन, महेन्द्र गोप, जय प्रकाश यादव, संजय रविदास, पवन मालाकार, कंचन देवी, मुनिया देवी, सावित्री देवी, देवन्ती देवी, ऊषा देवी आदि मौजूद थे.

पिछले 100 सालों से रह रहे हैं वंशज

ग्रामीणों ने बताया कि यहां हमलोगों के वंशज सौ वर्षों से रह रहे हैं. 2011 तक अंचल द्वारा रसीद निर्गत किया गया है. इसके बाद इसपर रोक लगा दी गई. इस मामले में कुछ लोगों का न्यायालय से डिग्री हो गया है, लेकिन रसीद निर्गत नहीं किया जा रहा है. कुछ लोगों का अभी मामला न्यायालय में चल रहा है. कुछ लोगों का 87 में भी डिग्री हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि लगभ 8 एकड़ जमीन है जो 2011 के बाद विवादित कर दिया गया है. एक ही जमीन कुछ रैयती तो कुछ गैर आबाद कर दिया गया है. मामला न्यायालय में चल रहा है. बीसीसीएल नियोजन मुआवजा दिए वगैर जबरन गांव को खाली कराना चाहता है, जिसे ग्रामीण किसी कीमत पर नहीं करेंगे. जान दे देंगे लेकिन बिना नियोजन मुआवजा के अपने घरों को खाली नहीं करेंगे.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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