धनबाद. निरसा थाना क्षेत्र के हाथबाड़ी में शूटर सागर सिंह उर्फ शिबू के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. पुलिस ने हाथबाड़ी निवासी शमशाद खान के घर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की ऑडी कार समेत करीब 50 लाख रुपये की दो अन्य कारें जब्त की हैं. शमशाद की भूमिका और उसके ठिकाने पर शिबू के पहुंचने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
शनिवार की रात ग्रामीण एसपी एस. याकूब निरसा थाना पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने मामले में अब तक सामने आये तथ्यों की समीक्षा की. प्राथमिकी में शमशाद खान का नाम नहीं होने के कारणों को लेकर भी ग्रामीण एसपी ने अधिकारियों से जानकारी ली. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
इलाज के बाद शिबू को रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
मुठभेड़ में घायल शिबू का फिलहाल इलाज चल रहा है. ग्रामीण एसपी के अनुसार, उसकी स्थिति स्थिर होने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. पूछताछ में उसके निरसा पहुंचने, स्थानीय संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी जुटाने की कोशिश होगी.
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ताजा रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि शिबू हाथबाड़ी स्थित शमशाद के ठिकाने तक कैसे पहुंचा और वहां उसके ठहरने के पीछे किन लोगों की भूमिका थी. पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी डीबीआर की भी जांच शुरू की है.
शमशाद की भूमिका और आपराधिक इतिहास की जांच
पुलिस शमशाद खान की आपराधिक पृष्ठभूमि भी खंगाल रही है. उसके खिलाफ पहले से दर्ज मामलों और आपराधिक इतिहास से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी जुटायी जा रही है. साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शिबू और शमशाद के बीच किस तरह का संपर्क था और शूटर वहां कितने समय से ठहरा हुआ था.
शमशाद फिलहाल फरार बताया जा रहा है. पुलिस जब्त वाहनों समेत उसके ठिकाने से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जब्त संपत्ति, आरोपियों की भूमिका और घटना के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी.
नीरज सिंह हत्याकांड को लेकर भी उठे सवाल
पत्रकारों ने ग्रामीण एसपी से निरसा क्षेत्र में हुई पुरानी राजनीतिक हत्याओं के संदर्भ में भी सवाल किये. शिबू की भूमिका और वर्ष 2017 के नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े पुराने संदर्भों पर भी सवाल पूछे गये. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष सामने आयेगा.
शिबू का नाम वर्ष 2017 के नीरज सिंह हत्याकांड की जांच में सामने आया था. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस मामले में बाद में अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया था. मौजूदा प्रकरण में पुलिस उसके हालिया संपर्कों और निरसा में मौजूदगी के कारणों की अलग से जांच कर रही है.
राजनीतिक हत्याओं की पुरानी पृष्ठभूमि से बढ़ी चिंता
निरसा में राजनीतिक हिंसा का पुराना इतिहास रहा है. स्थानीय नेताओं के अनुसार, क्षेत्र में अतीत में कई राजनीतिक हत्याएं हुई हैं. इसी पृष्ठभूमि में शूटर के निरसा पहुंचने और शमशाद के ठिकाने पर उसके ठहरने को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं में चिंता है.
स्थानीय नेताओं का सवाल है कि उत्तर प्रदेश से आया शूटर निरसा तक कैसे पहुंचा और शमशाद के घर में ही क्यों ठहरा. नेताओं ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए शिबू के स्थानीय संपर्कों और उसके निरसा आने के उद्देश्य की पूरी जांच करने की मांग की है. कुछ नेताओं ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और डीजीपी से मिलने की बात भी कही है.
फिलहाल पुलिस जांच जारी है. शिबू से पूछताछ और शमशाद की भूमिका से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शूटर के निरसा पहुंचने और उसके ठिकाने से जब्त वाहनों के बीच क्या संबंध है.
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