Dhanbad News: जीएसटी दरों में कमी से घरेलू वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक की कीमतों में मिलेगी राहत : राजा

एमएसएमइ संवाद कार्यक्रम में उद्योगों की समस्याओं पर हुई चर्चा

धनबाद.

एमएसएमइ की ओर से शुक्रवार को लागत में कटौती और प्रतिस्पर्धात्मकता विषय पर ‘संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त सीजीएसटी राजा रत्नम गोला ने जीएसटी 2.0 में किये गये सुधारों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि एक नवंबर से पंजीकरण से लेकर रिफंड तक की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे उद्यमियों को लाभ मिलगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कमी से घरेलू वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और खानपान के सामान की कीमतों में राहत मिलेगी. संयुक्त निदेशक इंद्रजीत यादव ने भारत सरकार के एमएसएमइ मंत्रालय द्वारा उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाये गये कदमों की जानकारी दी और उद्यमियों से सुझाव मांगे. उन्होंने कहा कि सरकार एमएससएमइ सेक्टर को मजबूत करने के लिए लगातार नये सुधारों पर काम कर रही है. कार्यक्रम में आइसीए के उपाध्यक्ष एसके सिन्हा ने हार्ड कोक उद्योग की समस्याओं पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि 70 के दशक से चल रहे उद्योग अब एफएसए और अन्य दबावों के कारण संकट में हैं.

जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रिया व इंस्पेक्टर राज पर उठे सवाल

जीटा के महासचिव राजीव शर्मा ने उद्यमियों के सामने आ रही जटिल लाइसेंसिंग प्रक्रिया और इंस्पेक्टर राज की समस्या उठायी. उन्होंने एमएसएमइ को “एक दुकान शुरू करने जितना सरल लाइसेंस” देने की मांग की. चीन की औद्योगिक नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि सरकार सिंगल विंडो सिस्टम और ब्याज सब्सिडी जैसी योजनाओं को सशक्त करे तो उद्योग तेजी से बढ़ सकते हैं.

कच्चे माल की समस्या भी उठी

रिफ्रेक्टरी उद्योग के प्रतिनिधि बजरंग जालान ने कच्चे माल की समस्या उठायी. जीटा के अध्यक्ष अमितेश सहाय ने कहा कि कोल इंडिया द्वारा दिये गये पुराने पत्रों के आधार पर स्थापित हार्डकोक उद्योग अब ई ऑक्शन के कारण संकट में है. 18 प्रतिशत पर कोयला खरीदकर पांच प्रतिशत पर बिक्री करने से उद्योग टिक नहीं पा रहे हैं. उन्होंने इस विसंगति को दूर करने की मांग की. वहीं एसआइडीबीआइ के उपमहाप्रबंधक मुकुल गुप्ता ने सिडबी की योजनाओं की जानकारी दी. जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि राज्य सरकार धनबाद में 500 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. बैठक के अंत में उद्यमियों ने जेम पोर्टल, जीएसटी प्रक्रिया और पीएमइजीपी फंडिंग से जुड़े प्रश्न रखे, जिनका समाधान इंद्रजीत यादव और राजा रत्नम गोला ने दिया. कार्यक्रम में सिडबी के उप निदेशक पवन कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुये.

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Author: ASHOK KUMAR

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