धनबाद समेत पूरे झारखंड में नया राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सख्त कर दी गयी है. आवेदन के शुरुआती चरण में ही परिवार की पात्रता की जांच सुनिश्चित करने के लिए कई नये प्रावधान जोड़े गये हैं. अब आवेदक को स्वघोषणा करनी होगी कि परिवार का कोई सदस्य आयकर, सेवा कर, व्यावसायिक कर या वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान नहीं करता है. कर का भुगतान करने वाले परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं होंगे.
दी गयी जानकारियों का होगा सत्यापन
नये आवेदन में परिवार की आय के मुख्य स्रोत, पक्के मकान में कमरों की संख्या और घर की तस्वीर की जानकारी भी देनी होगी. तीन या उससे अधिक कमरों वाले पक्के मकान में रहने वाले परिवार की पात्रता प्रभावित होगी. आवेदन में दी गयी जानकारियों का सत्यापन भी किया जायेगा.
जमीन और वाहन भी तय करेंगे पात्रता
राशन कार्ड धारण करने की पात्रता तय करने में परिवार की जमीन, वाहन और कृषि उपकरणों की स्थिति को भी आधार बनाया गया है. आवेदक परिवार के पास पांच एकड़ से अधिक सिंचित या 10 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि नहीं होनी चाहिए.
इसके अलावा परिवार के पास चार पहिया वाहन होने या पांच लाख रु अथवा इससे अधिक मूल्य के मशीन चालित कृषि उपकरण होने पर भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
आवेदन के साथ ही देनी होगी जानकारियां
मांगी गयी सारी जानकारियों को आवेदन के समय ही दर्ज करना होगा. इससे पात्रता की जांच प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी और बाद में अपात्र पाये जाने पर राशन कार्ड रद्द करने की नौबत कम होगी.
इ-केवाइसी के बाद आगे बढ़ेगा आवेदन
नये राशन कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदार के यहां इ-केवाइसी कराना अनिवार्य किया गया है. इ-केवाइसी और आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी स्तर पर लंबित पहचान संख्या में सुधार अथवा परिवार के सदस्यों को जोड़ने या हटाने से संबंधित अनुरोधों पर भी ई-केवाइसी के बाद ही कार्रवाई की जायेगी.
राशन कार्ड सरेंडर करने में भी सत्यापन
राशन कार्ड रद्द कराने या स्वेच्छा से सरेंडर करने के लिए भी परिवार के मुखिया की सहमति जरूरी होगी. इसके साथ ही पहचान संख्या आधारित वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) से सत्यापन किया जायेगा.
समर्थ लोगों का भी राशन कार्ड लेने का मामला आया था सामने
विभागीय जांच में आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने वाले कई लाभुक सामने आये थे. कुछ मामलों में लाखों रु का सालाना जीएसटी विवरण दाखिल करने और निर्धारित सीमा से अधिक भूमि रखने की जानकारी भी मिली. इसके बाद राशन कार्ड की पात्रता जांच को आवेदन के शुरुआती चरण में ही मजबूत करने के लिए नये प्रावधान लागू किये गये हैं.
