माइग्रेन के मरीज कम करें स्ट्रेस, शुगर मरीज दवा का नियमित करें इस्तेमाल : डॉ यूके ओझा

Prabhat Khabar Health Counselling: प्रभात खबर के हेल्थ हाउंसलिंग में डॉ यूके ओझा ने अलग-अलग लोगों के सवालों के जवाब दिये. एक कॉलर के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कभी भी किसी दवा दुकान वाले से सलाह लेकर दवा ना लें. यूरिन, किडनी व ब्लड शुगर टेस्ट कराकर किसी फिजिशियन से सलाह लें. वहीं अगर यूरिक एसिड सात पीएच से ज्यादा है, तो उसे कम करने के लिए दवा लें. फिजियोथेरेपी करायें और पेन किलर लेने से बचें.

Prabhat Khabar Health Counselling: बदलते दौर के साथ लोगों में तनाव भी बढ़ रहा है, ऐसे में लोग तनाव कम लें. खान-पान में सुधार के साथ ताजे फलों का सेवन करें. यह सुझाव शुक्रवार को प्रभात खबर ऑनलाइन मेडिकल काउंसिलिंग में शहर के प्रसिद्ध फिजिशियन डॉ यूके ओझा ने दिये. इस दौरान अधिकांश लोगों ने गर्दन में दर्द व शुगर से संबंधित सवाल पूछे.

गिरिडीह के बासु कुमार ने पूछा : बीते दो माह से पैर में जलन रहता है. शुगर की बीमारी भी है.

चिकित्सक : यह समस्या शुगर के बढ़ने से भी हो सकती है. बढ़ती उम्र के साथ शुगर के बढ़ने से दिक्कत हो सकती है. शुगर को नियंत्रण में रखें और नियमित रूप से दवा लें. खाना भी समय से खाएं. शुगर की दवा लेने में परहेज ना करें. गेबैन्यूरॉन-100 एमजी की दवा ले सकते हैं. ताजा जांच रिपोर्ट के साथ एक फिजिशियन से मिलें.

टुंडी की ममता ओझा ने पूछा : मुझे कोई बीमारी नहीं है, मगर पैर में दर्द के साथ कुछ दिनों से सूजन भी है. सभी जोड़ों में भी काफी दर्द रहता है.

चिकित्सक : कभी भी किसी दवा दुकान वाले से सलाह लेकर दवा ना लें. यूरिन, किडनी व ब्लड शुगर टेस्ट कराकर किसी फिजिशियन से सलाह लें. वहीं अगर यूरिक एसिड सात पीएच से ज्यादा है तो उसे कम करने के लिए दवा लें. फिजियोथेरेपी करायें और पेन किलर लेने से बचें.

स्टील गेट से अमरेश कुमार ने पूछा: परिवार में एक सदस्य को प्रोस्टेट कैंसर था. उससे बचने के लिए कौन सा टेस्ट करवायें और कितने अंतराल में?

चिकित्सक : इसके लिए आपके ब्लड से एक पीएसए टेस्ट किया जाता है. अगर प्रोस्टेड बड़ा है, तो तीन से छह माह में एक बार टेस्ट कराएं. वहीं अगर नॉर्मल हैं तो साल में एक बार टेस्ट कराएं. नॉर्मल होने से खतरा नहीं होता है. पीएसए टेस्ट के साथ अल्ट्रासाउंड भी करा सकते हैं.

बोकारो के सुधा कुमारी ने पूछा: चेहरे, गर्दन व नाक में दर्द रहता है. दर्द की वजह से सूजन भी होता है. एसिडिटी की भी दिक्कत बढ़ जाती है.

चिकित्सक : यह माइग्रेन से जुड़ी समस्या हो सकती है. इसके लिए स्ट्रेस कम करें. गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें. माइग्रेन की दिक्कत के लिए नियमित रूप से योगा व व्यायाम करते रहें. दिमाग को आराम देने वाले एक्सरसाइज बहुत ज्यादा फायदेमंद होते हैं. इसके लिए टोपाज टैबलेट (25एमजी) तीन माह तक ले सकते हैं.

हीरापुर के मनोज कुमार ने पूछा : नाक से सांस लेने में दिक्कत होती है. रात में सोते समय बहुत ज्यादा खर्राटा लेता हूं. हमेशा सर्दी जैसा महसूस होता रहता है, क्या करें?

चिकित्सक : इसके लिए सायनस की जांच करा लें. इससे आराम के लिए आप स्लीप स्टडी थेरेपी ले सकते हैं. इससे फायदा मिल सकता है. इसपर अभी से ही ध्यान देने कि जरूरत है वरना उम्र बढ़ने पर दिक्कत हो सकती है. इसके लिए इएनटी के डॉक्टर से सलाह भी ले लें.

गोविंदपुर से ममता सिंह ने पूछा: दो साल से माइग्रेन की दिक्कत है. सिर में बहुत दर्द होता है. धूप में जाने के बाद वापस आने पर दर्द और बढ़ता है. सिर के दोनों तरफ दर्द होता है, इसे कम करने के लिए क्या कर सकते है?

डॉक्टर का जवाब : अभी के समय में माइग्रेन की दिक्कत सभी को हो रही है. इसकी मुख्य वजह स्ट्रेस व लोगों की बदलती जीवन शैली है. ऐसे में तनाव कम करें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. टोपाज (25 एमजी) टैबलेट ले सकते है. माइग्रेन का दर्द शुरू होने से पहले नेक्सडोम दवा ले सकते हैं. इस दवा को दर्द शुरू होते ही ले लें. तीन माह तक दवा लेने के बाद डॉक्टर से सलाह ले लें.

बरमसिया से राजेश कुमार ने पूछा: पांच सालों से शुगर की दिक्कत है. बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है. दवा बदली है. इसके कुछ दिन बाद से कमजोरी हो रही है, क्या करें?

चिकित्सक : शुगर को कंट्रोल में रखें. अगर कंट्रोल में नहीं रहेगा, तो बढ़ती उम्र के साथ यह दिक्कत देता है. रही बात कमजोरी की, तो खान-पान सुधारें. हरी सब्जियां व फल खाएं. नियमित रूप से योग, मॉर्निंग वाक व एक्सरसाइज करें. दवा लेने में लापरवाही नहीं करें. दवा नियमित नहीं लेने से आगे चलकर किडनी में दिक्कत की शिकायत हो सकती है.

सरायढेला से दुर्गा दत्ता ने पूछा: कुछ भी खाने से गैस की समस्या होती है. इस वजह से कई बार पाइल्स भी बढ़ जाता है, कभी-कभी खून भी आता है.

डॉक्टर का जवाब : खाने में तेल-मसाला कम करें. किड्नी टेस्ट व अल्ट्रासाउंड करा लें. डॉक्टर से सलाह लें. वहीं पाइल्स के लिए सर्जन की सलाह ले सकती हैं. नियमित व्यायाम व फल खाना शुरू करें.

स्टील गेट से अनिल कुमार ने पूछा : तीन-चार साल से मां को चलने दिक्कत है. ब्लड प्रेशर हाई रहता है. यूरिक एसिड भी बढ़ा रहता है. चलने में भी काफी दिक्कत है.

चिकित्सक : वजन कम करें. बढ़ता वजन सभी समस्या की जड़ है. उम्र ज्यादा है, दवा लें. इसके साथ ही मां की फिजियोथेरेपी करवाएं. गर्म पानी से सेंक करें, इससे आराम मिलेगा. फिर भी किसी फिजिशियन से मिलकर दिखा लें.

हाउसिंग कॉलोनी से टीपी मेहता ने पूछा : कुछ दिनों पहले टीबी हुआ था, यह तो ठीक हो गया मगर उसके बाद पैरों में झनझनाहट रहती है. डॉक्टर को दिखाया था, दवा चल रही है.

चिकित्सक : डॉक्टर से सलाह लेने के बाद उन्होंने जो दवा दी है, उसे छह माह तक नियमित रूप से खाएं. इसके बाद भी ठीक नहीं होता है, तब दूसरे डॉक्टर से सलाह लें.

हाउसिंग कॉलोनी से दिनेश मिश्रा ने पूछा: सांस की समस्या है, दम भी फूलता है. इनहेलर लेते हैं लेकिन कोई फायदा नहीं होता है.

चिकित्सक : सांस की दिक्कत हृदय में दिक्कत होने के वजह से भी हो सकती है. आप जिस भी डॉक्टर से सलाह ले रहे हैं, उनसे पूछ कर एक बार हृदय की भी जांच करा लें. जो इनहेलर ले रहे हैं, उसे सुबह-शाम दो वक्त नियम से लें. इसके बाद भी दिक्कत है तो डॉक्टर की सलाह पर अपने इनहेलर को बदल दें.

ऑनलाइन मेडिकल काउंसिलिंग में इन्होंने भी पूछे सवाल : धनबाद से मनोहर कुमार, सुनीता कुमारी, कतरास से अभय सिंह, कोलाकुसमा से निखिल कुमार, शैली मिश्रा, पुराना बाजार से अजय कुमार साव, स्टील गेट से अनूप कुमार आदि.

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By Mithilesh Jha

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