Dhanbad News: कांड्रा ग्रिड से जुड़ेगा पॉलिटेक्निक सबस्टेशन

हाउसिंग कॉलोनी सबस्टेशन और पॉलिटेक्निक पीएसएस को इंटरकनेक्ट करने का काम शुरू. योजना के तहत डीवीसी के साथ कांड्रा ग्रिड की बिजली लेने का विकल्प होगा.

शहर में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर हाउसिंग सबस्टेशन और पॉलिटेक्निक पावर सबस्टेशन को आपस में इंटरकनेक्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है. इसके बाद दोनों सबस्टेशन कांड्रा ग्रिड से सीधे जुड़ जायेंगे. इससे बेकारबांध से लेकर झारूडीह, पॉलिटेक्निक, बाबूडीह, बारामुड़ी समेत कई घनी आबादी वाले इलाकों को बेहतर व निर्बाध बिजली मिल सकेगी. फिलहाल पॉलिटेक्निक सबस्टेशन को डीवीसी से बिजली आपूर्ति की जाती है. डीवीसी की बिजली भूली व नावाडीह होते हुए पॉलिटेक्निक सबस्टेशन तक पहुंचती है. इस लंबे रूट के कारण तकनीकी खराबी, मेंटेनेंस व लाइन ट्रिप होने की स्थिति में इलाके के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ता है. हाउसिंग कॉलोनी सबस्टेशन से जुड़ने के बाद पॉलिटेक्निक सबस्टेशन के पास बिजली आपूर्ति के दो विकल्प उपलब्ध होंगे.

कांड्रा ग्रिड से सीधे कनेक्शन से यह होगा फायदा

इं��रकनेक्शन के बाद हाउसिंग कॉलोनी व पॉलिटेक्निक दोनों सबस्टेशन कांड्रा ग्रिड से जुड़े रहेंगे. इससे ग्रिड फेलियर की स्थिति में वैकल्पिक मार्ग से बिजली आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी. इस योजना से बेकारबांध, झारूडीह, पॉलिटेक्निक, बाबूडीह, बारामुड़ी के अलावा आसपास के अन्य आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा.

बेहतर आपूर्ति के साथ लाइन लॉस होगा कम : एसइ

बिजली विभाग के एसइ एसके कश्यप ने कहा कि इंटरकनेक्टेड नेटवर्क किसी भी आधुनिक पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की रीढ़ होता है. इससे न सिर्फ बिजली आपूर्ति बेहतर होती है, बल्कि ऊर्जा हानि (लाइन लॉस) को भी नियंत्रित किया जा सकेगा. आपात स्थिति में तेज रिस्पॉन्स संभव होगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Ashok kumar

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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