प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर मंगलवार को झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वास स्थलों का जायजा लेने बेलगड़िया पहुंचे. दो दिवसीय धनबाद दौरे के दूसरे दिन उन्होंने करमाटांड़ और बेलगड़िया फेस-5 स्थित पुनर्वास स्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान विस्थापित परिवारों से सीधे संवाद कर पुनर्वास की स्थिति और उनकी समस्याओं की जानकारी ली.
बेलगड़िया पहुंचने पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल और कपड़ा उद्योग की संयुक्त सचिव अलका नंदा दयाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तरुण कपूर का स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने पुनर्वास स्थल का निरीक्षण किया और वहां रह रहे विस्थापित परिवारों से बातचीत की.
अग्नि प्रभावित क्षेत्रों और पुनर्वास कार्यों का लिया जायजा
दौरे के दौरान झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों और पुनर्वास स्थलों की स्थिति की जानकारी ली गयी. झरिया मास्टर प्लान से जुड़े कार्यों की प्रगति को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ भी समीक्षा की गयी.
तरुण कपूर ने पुनर्वास स्थल पर रह रहे लोगों से उनकी समस्याओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली. इस दौरान रैयतों और विस्थापित परिवारों ने अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र भी सौंपा.
रैयतों ने उचित मुआवजे की मांग उठायी
विस्थापित परिवारों और रैयतों ने जमीन के बदले उचित मुआवजा देने की मांग की. मुआवजा सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर कई लोगों में नाराजगी भी दिखी. लोगों ने पुनर्वास से जुड़े मामलों का जल्द समाधान करने की मांग रखी.
कुछ रैयत परिवारों ने आरएसपी कॉलेज के स्थायीकरण का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि कॉलेज से बड़ी संख्या में स्थानीय छात्र-छात्राओं का भविष्य जुड़ा है. ऐसे में कॉलेज के स्थायीकरण को लेकर ठोस पहल की जानी चाहिए.
स्वास्थ्य, बिजली और पानी की समस्या भी उठी
जनसंवाद के दौरान बेलगड़िया की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. विस्थापित परिवारों ने पेयजल और बिजली की समस्या से अवगत कराया. लोगों ने जर्जर आवासों की मरम्मत कराने और पहले से पुनर्वासित परिवारों को दो आवास उपलब्ध कराने की मांग भी रखी.
इसके अलावा विस्थापित परिवारों ने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और पुनर्वास से जुड़ी लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की.
अब कार्रवाई का इंतजार
स्थानीय लोगों ने कहा कि पुनर्वास स्थलों की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं. जनसंवाद के दौरान उन्होंने अपनी समस्याएं सीधे प्रधानमंत्री के सलाहकार के सामने रखी हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि उठायी गयी मांगों पर प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या ठोस कदम उठाये जाते हैं. तरुण कपूर के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये थे.
