शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में स्नातकोत्तर (पीजी) की सीटें बढ़ाने की कवायद तेज हो गयी है. शुक्रवार को एसएनएमएमसीएच प्रबंधन की विशेष बैठक में चार नये विषय समेत कुल सात विभागों में 26 सीटों के लिए नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) को आवेदन भेजने पर सहमति बनी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इससे न सिर्फ मेडिकल शिक्षा को मजबूती मिलेगी, मरीजों को भी इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी. आने वाले समय में अस्पताल विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी नहीं होगी.
सात विभागों में पीजी सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार
अस्पताल प्रबंधन की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार सर्जरी, गायनी, ऑर्थोपेडिक्स समेत कई नये विभागों में पीजी सीट बढ़ाने की योजना है. प्रस्तावित सीटों में सर्जरी में चार, गायनी में दो, ऑर्थोपेडिक्स में तीन, पीडियाट्रिक्स में पांच, आई (नेत्र रोग) में दो, एनेस्थीसिया में दो तथा पैथोलॉजी विभाग में आठ सीट शामिल हैं. इन विभागों में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होने से मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी. खासकर पैथोलॉजी, पीडियाट्रिक्स और एनेस्थीसिया जैसे विभागों में सीटें बढ़ने से अस्पताल की सेवाओं में सुधार आने की उम्मीद है.
वर्तमान में पांच विषयों में हो रही पीजी की पढ़ाई
वर्तमान समय में एसएनएमएमसीएच में पांच विषयों की कुल 19 सीटों पर पीजी की पढ़ाई हो रही है. इनमें सर्जरी में चार, गायनी में चार, मेडिसिन में छह व ऑर्थोपेडिक्स में तीन सीटें शामिल हैं.
एनएमसी के मानकों को पूरा करने की तैयारी
पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए एनएमसी के मानकों को पूरा करना जरूरी होता है. इसे ध्यान में रखते हुए एसएनएमएमसीएच प्रबंधन ने फैकल्टी, बेड क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत का काम तेज कर दिया है. फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए तीन साल के बांड पर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्ति मुख्यालय स्तर पर की गयी है. वहीं यहां वर्तमान में उपलब्ध कुल 650 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 850 बेड करने की तैयारी चल रही है. इसके लिए अस्पताल परिसर के पास नये ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है. वहीं सुपर स्पेशियलिटी परिसर में तीन नये ब्लॉकों का निर्माण भी जल्द शुरू होगा.
निरीक्षण के लिए आ सकती है एनएमसी की टीम
पीजी सीटों के लिए आवेदन भेजने के बाद एनएमसी की टीम निरीक्षण करने एसएनएमएमसीएच धनबाद आ सकती है. टीम यहां फैकल्टी की उपलब्धता, बेड संख्या, मरीजों की संख्या, लैब व अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का आकलन करेगी. सभी मानकों पर खरा उतरने पर पीजी की सीटों को मंजूरी मिल सकती है.
एसएनएमएमसीएच के डीन सह अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए अस्पताल प्रबंधन गंभीर है. नये विभागों में पीजी की सीटों के लिए एनएमसी को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है. मानकों के अनुसार आवश्यक क्षमता बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं. यदि एनएमसी से मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में एसएनएमएमसीएच में कई नये विभागों में पीजी की पढ़ाई शुरू हो सकेगी. इससे मेडिकल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी.