बीसीसीएल के पाथरडीह कोल वाशरी स्थित मिवान वाशरी में शनिवार को मजदूरों की 11 सूत्री मांगों को लेकर जनता मजदूर संघ (जमसं) और प्रबंधन के बीच सकारात्मक वार्ता हुई. वार्ता में प्रबंधन ने अधिकतर मांगों पर सहमति जतायी, जबकि कुछ मांगों पर उच्च अधिकारियों से बातचीत कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया. इससे मजदूरों में अपनी मांगों के समाधान को लेकर उम्मीद जगी है.
20 मजदूरों को कार्य के अनुसार पदोन्नति देने पर बनी सहमति
वार्ता में ठेका मजदूरों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने और कार्य के अनुसार 20 मजदूरों को पदोन्नति देने पर सहमति बनी. इसके अलावा मजदूरों को हाजिरी बनाने के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय देने तथा हैंड ओवर-टेक ओवर की व्यवस्था लागू करने पर भी सहमति बनी. मजदूरों की लंबे समय से चली आ रही इन मांगों पर प्रबंधन की सकारात्मक पहल से यूनियन ने संतोष जताया.
पानी, शौचालय और चिकित्सा सुविधा को लेकर भी निर्णय
मजदूरों के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीसीसीएल अस्पताल की व्यवस्था करने पर सहमति बनी. ठेका कर्मियों को बीसीसीएल कर्मियों की तर्ज पर नौ राष्ट्रीय अवकाश देने का भी निर्णय लिया गया. रिलीवर मजदूरों को बीओबीआर में प्राथमिकता देने के साथ-साथ कार्यस्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था और चार नये शौचालय बनाने पर भी सहमति बनी.
विलय के बाद लोदना कमेटी का पहली बार स्वागत
वार्ता से पूर्व पाथरडीह कोल वाशरी के लोदना क्षेत्र में विलय के बाद पहली बार लोदना कमेटी का फूल-माला और बुके देकर स्वागत किया गया. इस दौरान असंगठित कमेटी का गठन भी किया गया. इसमें अर्जुन महतो को अध्यक्ष, संजीव कुमार हजारी को सचिव और राजकुमार कोषाध्यक्ष बनाया गया. इसके साथ ही 16 कार्यकारिणी सदस्यों का भी चयन किया गया.
कुछ मांगों पर उच्च अधिकारियों से वार्ता का आश्वासन
मजदूरों की 11 सूत्री मांगों में से अधिकतर पर प्रबंधन की ओर से सहमति जतायी गयी, जबकि शेष मांगों पर उच्च अधिकारियों से वार्ता कर समाधान का आश्वासन दिया गया. वार्ता में पाथरडीह परियोजना पदाधिकारी भूदेव कुमार, मिवान एचआर संजय कुमार, यूनियन के केंद्रीय सुरक्षा समिति सदस्य रंजय कुमार सिंह, केंद्रीय कल्याण परिषद सदस्य संजीत सिंह, लोदना क्षेत्रीय सचिव अनिल सिंह, सुदर्शन प्रसाद, राय बाबू, रतन पाल, संयुक्त सचिव उमेश यादव, बाबू राय, संजीव कुमार हजारी, अर्जुन महतो सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे.
