ग्रामीण जलापूर्ति योजना का कनेक्शन लेने के बाद भी नहीं मिल रहा पानीDhanbad News: तोपचांची प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय खेराबेड़ा में इन दिनों पानी के लिए हाहाकार मचा है. स्कूल में मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे थाली धोने के लिए निकट के तालाब में जाते हैं. इससे तालाब में बच्चों के डूबने का भय बना रहता है. शौच लगने पर बच्चों को शिक्षकों द्वारा घर भेज दिया जाता है.
कई माह से खराब है सोलर जलमीनार
इस विद्यालय में कुल 116 छात्र-छात्राएं नामांकित है. विद्यालय दो पारा शिक्षकों के भरोसे से चल रहा है. विद्यालय में लगी सोलर टंकी पिछले कई माह से खराब है. खेराबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना से तीन माह पहले विद्यालय को कनेक्शन दिया गया है, लेकिन एक सप्ताह पानी मिलने के बाद उससे जलापूर्ति बंद है. सुबह में विद्यालय खुलते ही चापाकल से मध्याह्न भोजन बनाने के लिए पानी भर कर रख लिया जाता है. दिन 11 बजे के बाद चापाकल का पानी का लेयर नीचे चला जाता है. इससे चापाकल से पानी नहीं निकलता है. इसके चलते बच्चों को मध्याह्न भोजन के बाद थाली धोने के लिए निकट के तालाब या घर जाना पड़ता है.
आंगनबाड़ी केंद्र में भी पेयजल संकट, आधा किमी दूर से लाना पड़ता है पानी
खेराबेड़ा गांव के पिपराटांड़ टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल की समस्या है. केंद्र से सटे चापाकल में करीब तीस बार हैंडल चलाने के बाद गंदा पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं है. सेविका पोबिन देवी ने बताया कि चापाकल से गंदा पानी निकलता है. इसके कारण आधा किमी दूर बस्ती से पानी ढोकर लाना पड़ता है. इससे बच्चों का भोजन बनता है.बच्चों को तालाब जाने से रोका जायेगा : बीइइओ
इस संबंध में तोपचांची-1 के बीइइओ विनोद प्रसाद मोदी ने बताया कि उमवि खेराबेड़ा में पानी की समस्या को दूर किया जायेगा. प्रभारी प्रधानाध्यापक को निर्देश देकर बच्चों को तालाब जाने से रोका जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
