चिरकुंडा,धनबाद: कुमारधुबी ग्रामीण जलापूर्ति योजना की राइजिंग पाइप में मैथन रोड स्थित पुल के पास खराबी आने से पिछले दो दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है. इसके कारण कुमारधुबी, चिरकुंडा, शिवलीबाड़ी, एग्यारकुंड, कालीमंडा और मुगमा सहित आसपास के इलाकों में लगभग एक लाख से अधिक की आबादी के सामने गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है.
पुल निर्माण के कारण बार-बार आ रही समस्या
राइजिंग पाइप झिलिया नदी होकर गुजरती है. नदी पर पुल निर्माण कार्य चलने की वजह से पाइप को मिलने वाला सपोर्ट कमजोर हो गया है, जिसके कारण पाइप बार-बार खुल जा रहा है. कुछ दिनों पूर्व भी अस्थाई रूप से इसकी मरम्मत की गई थी, लेकिन लगभग एक सप्ताह ठीक चलने के बाद पाइप पुनः खुल गया. रविवार को भी मरम्मत का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी.
विभागीय लापरवाही और ठेका एजेंसी का पक्ष
जलापूर्ति का संचालन करने वाली एजेंसी 'जय परशुराम कंस्ट्रक्शन' के प्रतिनिधि ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइप की सूचना विभाग के वरीय एवं कनीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से दे दी गई है. अपने स्तर से मरम्मत का प्रयास किया गया, परंतु ठोस व्यवस्था न होने से स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है. मामले पर विभाग के कनीय अभियंता (JE) से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
पेयजल संकट को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया है. भाजपा नेता डीएन पाठक ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक पाइप मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल नहीं की गई, तो प्रभावित लोग दुर्घटना स्थल पर ही धरना देंगे. वहीं, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष शशि तिवारी ने भी पाइपलाइन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है.
