निरसा. हाथबाड़ी स्थित आनंद वाटिका रेजिडेंसी में पुलिस और नीरज सिंह हत्याकांड से जुड़े आरोपी सागर सिंह उर्फ शिबू के बीच हुई मुठभेड़ के बाद जांच तेज हो गयी है. गुरुवार को रांची से स्टेट फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (SFSL) की टीम हाथबाड़ी पहुंची और घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच की.
टीम ने शमशाद खान के आवास और आसपास के उस स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां पुलिस और शिबू के बीच मुठभेड़ हुई थी. पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ सीसीटीवी का डीबीआर भी जब्त किया है.
मुठभेड़ के दौरान शिबू घायल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा. पुलिस के अनुसार, उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किये गये. अब फोरेंसिक जांच के जरिये घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित कर घटना की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.
घटनास्थल की वीडियोग्राफी, साक्ष्य किये गये सुरक्षित
SFSL टीम ने मुठभेड़ स्थल की फोटो और वीडियोग्राफी की. घटनास्थल पर मौजूद वस्तुओं की स्थिति, उनकी आपसी स्थिति और संभावित साक्ष्यों को रिकॉर्ड किया गया. टीम ने मौके से मिले भौतिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया, ताकि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किया जा सके.
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पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से मिले हथियार, कारतूस और अन्य सामग्री को भी जांच के दायरे में लिया गया है. इनके अलावा डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है. सीसीटीवी फुटेज और डीबीआर को जब्त किया गया है, जिससे शिबू की गतिविधियों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आवाजाही के संबंध में जानकारी जुटायी जा सके.
फोरेंसिक जांच से साफ होंगी घटनाक्रम की कड़ियां
फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण करेंगे. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मौके से मिले विभिन्न साक्ष्यों का आपस में क्या संबंध है और वे मुठभेड़ के घटनाक्रम के बारे में क्या संकेत देते हैं.
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गयी. घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए टीम ने जांच पूरी की, ताकि साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहे. जांच रिपोर्ट आने के बाद मुठभेड़ से जुड़े कई तथ्यों के और स्पष्ट होने की उम्मीद है.
शमशाद के आवास से शिबू के कनेक्शन की पड़ताल
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि शिबू हाथबाड़ी कैसे पहुंचा और शमशाद खान के ठिकाने पर उसके ठहरने के पीछे किसकी भूमिका थी. पुलिस ने आवास का सीसीटीवी डीबीआर जब्त किया है. इसके जरिये यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शिबू वहां कब पहुंचा, कितने समय तक रहा और किन लोगों के संपर्क में था.
मुठभेड़ के बाद शमशाद खान के फरार होने की बात भी सामने आयी है. पुलिस उसके और उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटा रही है. एक सहयोगी का मोबाइल बंद होने की बात भी कही जा रही है. हालांकि इन बिंदुओं पर पुलिस की जांच अभी जारी है.
किस वारदात की तैयारी थी, इसकी भी जांच
पुलिस के अनुसार, शिबू धनबाद में किसी बड़ी आपराधिक वारदात की तैयारी में था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संभावित निशाने पर कौन था और इस पूरी गतिविधि में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे. स्थानीय स्तर पर कारोबारी या राजनीतिक लोगों को संभावित निशाना बनाये जाने की चर्चा है, लेकिन पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने कहा कि कई तरह की बातें सामने आयी हैं और मामला गंभीर है. पुलिस की गठित टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. शिबू निरसा कैसे आया, इसकी जांच प्राथमिकता से की जा रही है. उन्होंने बताया कि शमशाद खान क्षेत्र से फरार है.
नीरज सिंह और निखार सबलोक मामलों से जुड़ा नाम
सागर सिंह उर्फ शिबू का नाम वर्ष 2017 के नीरज सिंह हत्याकांड में सामने आया था. हाल में जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आने की बात पुलिस जांच से जुड़ी रिपोर्टों में कही गयी है. बुधवार को हाथबाड़ी में पुलिस कार्रवाई के दौरान वह घायल हुआ और गिरफ्तार कर लिया गया.
अब पुलिस उसके पुराने आपराधिक संपर्कों के साथ ही धनबाद में उसके हालिया नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और फोरेंसिक जांच से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
पशु तस्करी नेटवर्क से जुड़े दावों की भी जांच
पुलिस शमशाद खान के कथित पशु तस्करी नेटवर्क और उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है. उसके कारोबार के दूसरे राज्यों और सीमा क्षेत्र तक संपर्क होने के दावों की भी जांच किये जाने की बात सामने आयी है. हालांकि किसी प्रतिबंधित संगठन या अन्य आपराधिक नेटवर्क से उसके कथित संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
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पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही इन दावों की वास्तविकता स्पष्ट होगी. फिलहाल SFSL की वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामग्री और आरोपियों से पूछताछ को जांच की अहम कड़ियों के रूप में देखा जा रहा है.
